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Jammu News: पत्थरों में जान फूंक रहे जम्वाल, प्रतिमाओं में इतिहास किया जिंदा
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कला, अभिव्यक्ति और भावनाओं को तराशने का एक सशक्त माध्यम है। अपनी इसी कला से जम्मू-कश्मीर के डोगरा शासकों, बलिदानी वीर सपूतों और समाजसेवियों के योगदान को अमर करने वाले मूर्तिकार हैं रविंद्र जम्वाल। सांबा जिले के वीरपुर निवासी रविंद्र जम्वाल ने अब तक छोटी-बड़ी 80 से अधिक मूर्तियां तैयारी की हैं, जो जम्मू शहर के प्रमुख चौक-चौराहों सहित संभाग के कई जिलों में स्थापित हैं। इनमें लखनपुर में महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा भी शामिल है, जो प्रवेशद्वार पर प्रदेश की शान बढ़ा रही है।
इस कला के लिए रविंद्र जम्वाल को 2023 में राज्य पुरस्कार की घोषणा हुई थी। जम्वाल ने 1988 तक अपनी पढ़ाई पूरी की और डोगरा सभा में पंडित प्रेमनाथ डोगरा व 1889 में जोरावर स्टेडियम सुंजवां में जनरल जोरावर सिंह की प्रतिमा बनाई। रविंद्र जम्वाल का कहना है कि लखनपुर में स्थापित उनके द्वारा बनाई गई महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा को तैयार करने में तीन साल लगे। कहा - इस कला में कड़ी मेहनत और एकाग्रता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट की प्रतिमा को तैयार करना बड़ी चुनौती थी। कोविड की चुनौती के बीच मूर्ति तैयार करना काफी कठिन था। 2005 में रेलवे स्टेशन के सामने घोड़े पर बैठे जरनल जोरावर सिंह की प्रतिमा तैयार की। इसे तैयार करना काफी चुनौती भरा काम था। ब्यूरो
ये प्रमुख प्रतिमाएं बनाई हैं
- आरएस पुरा में डॉ. बीआर आंबेडकर की 6.5 फुट ऊंची प्रतिमा
- आरएस पुरा चौक पर शहीद-ए आजम भगत सिंह की 6.5 फुट की प्रतिमा
- लखनपुर में महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा
- पुरानी मंडी में महाराजा जंबू लोचन की 6.5 फुट की प्रतिमा
- पुरमंडल में बाबू पुरमंडल की 10 फुट ऊंची प्रतिमा
- आरएस पुरा में महाराजा हरि सिंह की 10 फुट की प्रतिमा
- कठुआ में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 10 फुट ऊंची प्रतिमा
- परेड बाजार में चाणक्य की सात फुट ऊंची प्रतिमा
- ककरियाल में माता वैष्णो देवी की 10 फुट की प्रतिमा
- मूर्तिकार रविंद्र जम्वाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में उनकी प्रतिमा तैयार की थी। इसे महज 15 दिनों में तैयार किया था। फाइबर ग्लास पर प्रतिमा तैयार की, जिसमें 80, हजार रुपये तक का खर्च आया था।
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जम्मू। कला, अभिव्यक्ति और भावनाओं को तराशने का एक सशक्त माध्यम है। अपनी इसी कला से जम्मू-कश्मीर के डोगरा शासकों, बलिदानी वीर सपूतों और समाजसेवियों के योगदान को अमर करने वाले मूर्तिकार हैं रविंद्र जम्वाल। सांबा जिले के वीरपुर निवासी रविंद्र जम्वाल ने अब तक छोटी-बड़ी 80 से अधिक मूर्तियां तैयारी की हैं, जो जम्मू शहर के प्रमुख चौक-चौराहों सहित संभाग के कई जिलों में स्थापित हैं। इनमें लखनपुर में महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा भी शामिल है, जो प्रवेशद्वार पर प्रदेश की शान बढ़ा रही है।
इस कला के लिए रविंद्र जम्वाल को 2023 में राज्य पुरस्कार की घोषणा हुई थी। जम्वाल ने 1988 तक अपनी पढ़ाई पूरी की और डोगरा सभा में पंडित प्रेमनाथ डोगरा व 1889 में जोरावर स्टेडियम सुंजवां में जनरल जोरावर सिंह की प्रतिमा बनाई। रविंद्र जम्वाल का कहना है कि लखनपुर में स्थापित उनके द्वारा बनाई गई महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा को तैयार करने में तीन साल लगे। कहा - इस कला में कड़ी मेहनत और एकाग्रता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट की प्रतिमा को तैयार करना बड़ी चुनौती थी। कोविड की चुनौती के बीच मूर्ति तैयार करना काफी कठिन था। 2005 में रेलवे स्टेशन के सामने घोड़े पर बैठे जरनल जोरावर सिंह की प्रतिमा तैयार की। इसे तैयार करना काफी चुनौती भरा काम था। ब्यूरो
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ये प्रमुख प्रतिमाएं बनाई हैं
- आरएस पुरा में डॉ. बीआर आंबेडकर की 6.5 फुट ऊंची प्रतिमा
- आरएस पुरा चौक पर शहीद-ए आजम भगत सिंह की 6.5 फुट की प्रतिमा
- लखनपुर में महाराजा गुलाब सिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा
- पुरानी मंडी में महाराजा जंबू लोचन की 6.5 फुट की प्रतिमा
- पुरमंडल में बाबू पुरमंडल की 10 फुट ऊंची प्रतिमा
- आरएस पुरा में महाराजा हरि सिंह की 10 फुट की प्रतिमा
- कठुआ में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 10 फुट ऊंची प्रतिमा
- परेड बाजार में चाणक्य की सात फुट ऊंची प्रतिमा
- ककरियाल में माता वैष्णो देवी की 10 फुट की प्रतिमा
- मूर्तिकार रविंद्र जम्वाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में उनकी प्रतिमा तैयार की थी। इसे महज 15 दिनों में तैयार किया था। फाइबर ग्लास पर प्रतिमा तैयार की, जिसमें 80, हजार रुपये तक का खर्च आया था।
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