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इंटरनेट बंद होने से खुद पर निर्भर हुए लोग
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जम्मू। इंटरनेट बंद होने से लोग खुद पर निर्भर हुए हैं। यह संदेश जम्मू विश्वविद्यालय में जारी एनएसएस शिविर के दौरान मंचित नाटक से प्रतिभागियों ने दिया। नाटक के जरिए बताया कि कैसे बिना इंटरनेट के उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी की।
जम्मू विश्वविद्यालय में जारी एनएसएस के सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के छठे दिन सभी राज्यों की टीम के बीच नाट्य प्रतियोगिता कराई गई। इस प्रतियोगिता का विषय सामाजिक बुराई, वातावरण, महिला सम्मान, लैंगिक समानता व अन्य रहा। पेड़ों के महत्व और उनकी कटाई पर रोक लगाने का संदेश देने उतरी टीम संख्या सात ने हमारे जीवन में पेड़ों की अहम भूमिका को बताया। साथ ही पेड़ काटने की स्थिति में और पेड़ लगाने का संदेश दिया। टीम संख्या आठ ने नशे के बाद खराब होती आर्थिक स्थिति, बिखरते रिश्ते को रोचक तरीके से दर्शाया। इसी तरह टीम संख्या नौ ने नशे के चलते होने वाली दुर्घटनाओं को प्रदर्शित कर नशा नहीं करने और न ही किसी को करने देने की अपील की। शिविर के द्वितीय सत्र में रेड रिबन क्लब द्वारा ‘बेसिक्स ऑफ एचआईवी एड्स’ पर प्रतिभागियों और अतिथियों के बीच बातचीत के सत्र का आयोजन हुआ। इसमें मेडिकल अफसर चारू बाली, दीपिका बी. ठाकुर व अन्य ने प्रतिभागियों से बातचीत की और उनके प्रश्नों का जवाब दिया।
छठे दिन के समापन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिविर के छठे दिन के समापन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि जेयू की रजिस्ट्रार प्रो. रजनी धिंगरा रहीं। इस दौरान एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें सभी राज्यों के प्रतिभागियों ने अपने राज्य की संस्कृति की छाप छोड़ने की कोशिश की। विभिन्न सत्रों के बीच मिलने वाले खाली समय में सभी राज्यों के प्रतिभागियों ने अपनी रुचि के अनुसार शायरी, कविता, नृत्य व अन्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सतिंदर कुमार, डॉ. हेमा गंडोत्रा, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. रविंदर रैना व अन्य मौजूद रहे।
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जम्मू विश्वविद्यालय में जारी एनएसएस के सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के छठे दिन सभी राज्यों की टीम के बीच नाट्य प्रतियोगिता कराई गई। इस प्रतियोगिता का विषय सामाजिक बुराई, वातावरण, महिला सम्मान, लैंगिक समानता व अन्य रहा। पेड़ों के महत्व और उनकी कटाई पर रोक लगाने का संदेश देने उतरी टीम संख्या सात ने हमारे जीवन में पेड़ों की अहम भूमिका को बताया। साथ ही पेड़ काटने की स्थिति में और पेड़ लगाने का संदेश दिया। टीम संख्या आठ ने नशे के बाद खराब होती आर्थिक स्थिति, बिखरते रिश्ते को रोचक तरीके से दर्शाया। इसी तरह टीम संख्या नौ ने नशे के चलते होने वाली दुर्घटनाओं को प्रदर्शित कर नशा नहीं करने और न ही किसी को करने देने की अपील की। शिविर के द्वितीय सत्र में रेड रिबन क्लब द्वारा ‘बेसिक्स ऑफ एचआईवी एड्स’ पर प्रतिभागियों और अतिथियों के बीच बातचीत के सत्र का आयोजन हुआ। इसमें मेडिकल अफसर चारू बाली, दीपिका बी. ठाकुर व अन्य ने प्रतिभागियों से बातचीत की और उनके प्रश्नों का जवाब दिया।
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छठे दिन के समापन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिविर के छठे दिन के समापन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि जेयू की रजिस्ट्रार प्रो. रजनी धिंगरा रहीं। इस दौरान एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें सभी राज्यों के प्रतिभागियों ने अपने राज्य की संस्कृति की छाप छोड़ने की कोशिश की। विभिन्न सत्रों के बीच मिलने वाले खाली समय में सभी राज्यों के प्रतिभागियों ने अपनी रुचि के अनुसार शायरी, कविता, नृत्य व अन्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सतिंदर कुमार, डॉ. हेमा गंडोत्रा, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. रविंदर रैना व अन्य मौजूद रहे।
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