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Jammu News: जल निकायों का उचित रखरखाव जरूरी, इन्हें बचाने के लिए आगे आएं
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शहरी विकास को बढ़ावा देने पर हो रहा काम
- नगर निगम के सम्मेलन हाल में एक दिवसीय सह इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरी विकास विभाग पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। अब जल निकायों का उचित रखरखाव करना सबकी जिम्मेदारी है। इन्हें बचाया जा सकता है। उचित देखभाल न होने से जल निकाय अपना अस्तित्व खो रहे हैं। समय पर इनका संरक्षण करके इन्हें बचाया जा सकता है।
जल निकायों के संरक्षण के लिए नगर निगम के सम्मेलन हाल में एक दिवसीय सह इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन हुआ। इसमें जल निकाय कायाकल्प विशेषज्ञ आनंद मल्लिगावड़ मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शहरों को लंबे समय तक अधिक रहने योग्य, टिकाऊ और जल सुरक्षित बनाने के लिए काम किया जाना चाहिए। अब अमृत दो चरण और अन्य योजनाओं से जल स्रोत्रों को बचाया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जेएमसी और कठुआ, राजौरी, सांबा और उधमपुर सहित जम्मू (यूएलबी) के अन्य शहरी स्थानीय निकायों के इंजीनियरिंग कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान जल निकायों को पुनर्जीवित करने के महत्वपूर्ण कार्य की विस्तृत जानकारी दी गई। मल्लिगावड़ ने विभिन्न राज्यों के बहुमूल्य अनुभव साझा किए जिसमें बेंगलुरु में झीलों के कायाकल्प जैसे सफल केसों के अध्ययन पर प्रकाश डाला गया। लोगों को इन अनुभवों से सीखने और अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने को कहा। इस मौके पर अमृत दो के मिशन निदेशक नरेंद्र खजूरिया, निदेशक शहरी निकाय पुनीत शर्मा, संयुक्त आयुक्त अब्दुल स्तार और अन्य मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरी विकास विभाग पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। अब जल निकायों का उचित रखरखाव करना सबकी जिम्मेदारी है। इन्हें बचाया जा सकता है। उचित देखभाल न होने से जल निकाय अपना अस्तित्व खो रहे हैं। समय पर इनका संरक्षण करके इन्हें बचाया जा सकता है।
जल निकायों के संरक्षण के लिए नगर निगम के सम्मेलन हाल में एक दिवसीय सह इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन हुआ। इसमें जल निकाय कायाकल्प विशेषज्ञ आनंद मल्लिगावड़ मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शहरों को लंबे समय तक अधिक रहने योग्य, टिकाऊ और जल सुरक्षित बनाने के लिए काम किया जाना चाहिए। अब अमृत दो चरण और अन्य योजनाओं से जल स्रोत्रों को बचाया जा रहा है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में जेएमसी और कठुआ, राजौरी, सांबा और उधमपुर सहित जम्मू (यूएलबी) के अन्य शहरी स्थानीय निकायों के इंजीनियरिंग कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान जल निकायों को पुनर्जीवित करने के महत्वपूर्ण कार्य की विस्तृत जानकारी दी गई। मल्लिगावड़ ने विभिन्न राज्यों के बहुमूल्य अनुभव साझा किए जिसमें बेंगलुरु में झीलों के कायाकल्प जैसे सफल केसों के अध्ययन पर प्रकाश डाला गया। लोगों को इन अनुभवों से सीखने और अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने को कहा। इस मौके पर अमृत दो के मिशन निदेशक नरेंद्र खजूरिया, निदेशक शहरी निकाय पुनीत शर्मा, संयुक्त आयुक्त अब्दुल स्तार और अन्य मौजूद रहे।
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