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कश्मीर: आईबी और एलओसी से हुई ताजा घुसपैठ, ड्रोन से निपटने के लिए नई तैयारी
Tue, 21 Dec 2021 10:00 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Dec 2021 10:00 PM IST
सार
एकीकृत कमान की बैठक में खुफिया एजेंसियों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को जानकारी दी। कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त तंत्र बनाने पर जोर दिया गया।
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से पिछले एक से डेढ़ माह के बीच आतंकियों की घुसपैठ हुई है। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी बढ़ा दिया है। यह बड़ी चुनौती है।
मंगलवार को एकीकृत कमान की बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने यह जानकारी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को दी। वहीं, कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त तंत्र बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति से काम करना होगा। ड्रोन की चुनौती को लेकर डीआरडीओ की मदद से नई तकनीकी विकसित की जा रही है। हालांकि इसमें समय लग रहा है।
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वहीं बैठक में कश्मीर में होने वाली लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) को रोकने के लिए भी गहन मंथन किया गया है। पुलिस कर्मियों पर हमले, गैर कश्मीरी व आम नागरिकों की हत्या रोकने के लिए संयुक्त तंत्र बनाने पर जोर दिया गया। इसमें सभी खुफिया एजेंसियां, राष्ट्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियां, अर्धसैनिक बल, सेना, पुलिस सब मिलकर काम करेंगे।
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मंगलवार को एकीकृत कमान की बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने यह जानकारी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को दी। वहीं, कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त तंत्र बनाने पर जोर दिया गया।
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बैठक में बताया गया कि आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति से काम करना होगा। ड्रोन की चुनौती को लेकर डीआरडीओ की मदद से नई तकनीकी विकसित की जा रही है। हालांकि इसमें समय लग रहा है।
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वहीं बैठक में कश्मीर में होने वाली लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) को रोकने के लिए भी गहन मंथन किया गया है। पुलिस कर्मियों पर हमले, गैर कश्मीरी व आम नागरिकों की हत्या रोकने के लिए संयुक्त तंत्र बनाने पर जोर दिया गया। इसमें सभी खुफिया एजेंसियां, राष्ट्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियां, अर्धसैनिक बल, सेना, पुलिस सब मिलकर काम करेंगे।
टारगेट किलिंग नहीं होने दी जाएगी
संयुक्त तंत्र का मुख्य मकसद कश्मीर में टारगेट किलिंग को पूरी तरह से रोकना होगा। यदि कहीं चूक के कारण ऐसा हो भी गया तो इसमें शामिल आतंकियों को जल्द से जल्द ढेर किया जाएगा। टारगेट किलिंग की वारदातों में पुलिस से लेकर गैर कश्मीरी और घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया।
नारको आतंकवाद पर अंकुश लगाने पर जोर
प्रदेश में कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी मंथन किया गया। एलओसी और आईबी पर घुसपैठ रोकने को कड़े बंदोबस्त पर भी विचार किया गया। प्रदेश में बढ़ते नारको आतंकवाद पर अंकुश लगाने पर भी जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करें।
सभी एजेंसियां मिलकर आपस में समन्वय बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अरुण मेहता, डीजीपी दिलबाग सिंह, सेना की पश्चिम कमान के जीओसी के खंडूरी, उत्तरी कमान के जीओसी वाई के जोशी, सेना की 14, 15, 16 के जीओसी, सीआईडी के विशेष डीजी आरआर स्वैन, कश्मीर और जम्मू दोनों के आईजी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईबी, रॉ, एमआई तमाम एजेंसियों के अफसर भी इसमें मौजूद रहे।
उपराज्यपाल से मिले जीओसी
सेना की कश्मीर में 15 कोर के जीओसी डीपी पांडे ने मंगलवार को राजभवन जम्मू में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इसमें उन्होंने कश्मीर में सेना की ओर से आंतरिक सुरक्षा और एलओसी पर सुरक्षा बंदोबस्त की जानकारी दी। उपराज्यपाल ने सेना के सुरक्षा इंतजामों की सराहना करते हुए इसे और मजबूत करने पर जोर दिया।
नारको आतंकवाद पर अंकुश लगाने पर जोर
प्रदेश में कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी मंथन किया गया। एलओसी और आईबी पर घुसपैठ रोकने को कड़े बंदोबस्त पर भी विचार किया गया। प्रदेश में बढ़ते नारको आतंकवाद पर अंकुश लगाने पर भी जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करें।
सभी एजेंसियां मिलकर आपस में समन्वय बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अरुण मेहता, डीजीपी दिलबाग सिंह, सेना की पश्चिम कमान के जीओसी के खंडूरी, उत्तरी कमान के जीओसी वाई के जोशी, सेना की 14, 15, 16 के जीओसी, सीआईडी के विशेष डीजी आरआर स्वैन, कश्मीर और जम्मू दोनों के आईजी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईबी, रॉ, एमआई तमाम एजेंसियों के अफसर भी इसमें मौजूद रहे।
उपराज्यपाल से मिले जीओसी
सेना की कश्मीर में 15 कोर के जीओसी डीपी पांडे ने मंगलवार को राजभवन जम्मू में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इसमें उन्होंने कश्मीर में सेना की ओर से आंतरिक सुरक्षा और एलओसी पर सुरक्षा बंदोबस्त की जानकारी दी। उपराज्यपाल ने सेना के सुरक्षा इंतजामों की सराहना करते हुए इसे और मजबूत करने पर जोर दिया।