सोचा न था मौत को इतने करीब से देखेंगे
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सांबा सेक्टर की सीमा पर फेंसिंग की मरम्मत का काम करके घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी पाक रेंजरों ने निशाना बनाकर मजदूरों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दीं।
चारों ओर से मौत से घिरा देखकर कुछ समझ नहीं आ रहा था। आंखों के सामने कई अपने घायल हो गए। पाक गोलाबारी से दाहिनी बाजू बुरी तरह से खराब करवा चुके दहाबूर, रोपड़ पंजाब निवासी बलदेव सिंह (40) की तरह अन्य मजदूरों में दहशत का माहौल है।
मजदूरों का यह दल पहली बार सांबा में फेंसिंग की मरम्मत का काम कर रहा था। इस बीच शनिवार को जीएमसी में संग्रामपुर मावा सांबा से आए दो अन्य घायल रोहित कुमार (24) और सुरेंद्र सिंह (24) प्राथमिक उपचार लेकर खुद ही चले गए।
कभी सोचा ही नहीं था
जीएमसी के रिकवरी वार्ड में भर्ती बलदेव ने बताया कि वह पांच साल से फेंसिंग के काम में जुटे हैं। पंजाब में कई जगह ऐसे काम को अंजाम दे चुके हैं। जेएंडके में पहली बार सांबा में फेंसिंग की मरम्मत कर रहे थे।
गत शुक्रवार शाम 5:15 बजे तक सब कुछ ठीकठाक था, लेकिन जैसे ही काम खत्म करके जाने की तैयारी में थे, तभी सीमा पार से गोलियों की बौछार शुरू हो गई। मौत को इस तरह करीब से देखने के बारे में कभी सोचा भी नहीं था।
इसी तरह वार्ड 11, बेड 52 पर इलाज ले रहे अन्य घायल मजदूर छत्तीसगढ़ निवासी भागवत प्रसाद का भी यही हाल था। वह चौबीस घंटे बीत जाने के बाद भी गोलाबारी के मंजर को भूल नहीं पाया था।
पूछने पर बताया कि काम खत्म करके गाड़ी में बैठे ही थे तभी पाक रेंजरों ने गोलाबारी करना शुरू कर दी। भागवत की पत्नी अपने दो छोटे बच्चों के साथ बदहवासी की स्थिति में शनिवार को जीएमसी में पति का हाल जानने पहुंची।