माता वैष्णो देवी धाम: पढ़ें आगजनी की घटना के बाद यात्रा से जुड़ी जानकारी
गर्मी के मौस में त्रिकुटा पर्व पर अक्सर आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। इसके साथ ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने विशेष फायर विंग बना रखा है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस व सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माता वैष्णो देवी भवन स्थित कालिका कांपलेक्स के काउंटिंग रूम में मंगलवार को हुई आगजनी की घटना का यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। कोरोना कर्फ्यू में मिल रही ढील के चलते यात्रा में दिन प्रतिदिन इजाफा होने लगा है।
बुधवार शाम छह बजे तक करीब दो हजार भक्त पंजीकरण करवा कर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। यात्रा आम दिनों की तरह ही सामान्य रूप से जारी है। वहीं, श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है किया कि जल्द ही नया निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
पंजीकरण कक्ष के अनुसार सोमवार को दो हजार, मंगलवार को 22 सौ और बुधवार शाम छह बजे तक करीब दो हजार भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इसके साथ ही हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा सुचारु हैं, जिनका भक्त लाभ उठा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- कश्मीर: अलगाववाद के सुर थमे और मस्जिदों से अमन का पैगाम, पाकिस्तानी-आतंकी संगठनों के झंडे लहराना बंद
बता दें कि माता वैष्णो देवी भवन के पास कालिका कांप्लेक्स स्थित काउंटिंग रूम में शार्ट सर्किट से आग लगने से दो पुलिस कर्मी मामूली रूप से झुलसे थे। काउंटिंग रूम का फर्नीचर, सात एसी और रुपये गिनने वाली मशीन राख हो गई। हालांकि मशीन में कोई कैश नहीं था। मौके पर मौजूद दमकल और पुलिस कर्मियों सहित सीआरपीएफ के जवानों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया था।
यात्रा पर असर नहीं
काउंटिंग रूम में लगी आग को समय रहते काबू कर लिया गया। काउंटिंग रूम में कैश नहीं था, जिससे चढ़ावे की राशि को नुकसान नहीं पहुुंचा है। यात्रा पर इस घटना का असर नहीं पड़ा। यात्रियाें के लिए पहले की तरह सारी व्यवस्थाएं जारी हैं। - रमेश कुमार, सीईओ श्राइन बोर्ड
दो सप्ताह पहले डंपिंग यार्ड में लगी थी आग
दो सप्ताह पहले माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा स्थित श्राइन बोर्ड के डंपिग यार्ड में आग लग गई थी। इस घटना में काफी नुकसान हुआ था। वहीं एक दशक पूर्व श्री माता वैष्णो देवी भवन से एक किलोमीटर दूर जंगल में भीषण आग लगी थी, जिसे लेकर एहतियातन भवन के एक ब्लॉक को खाली करवाया गया था। हालांकि आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था।