{"_id":"648f667d190c57456e0bec44","slug":"indira-chowk-pit-problem-jammu-news-c-10-jam1008-142787-2023-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: इंदिरा चौक में रास्ता रोक रहा गड्ढा, निगम को एक साल से नहीं आया नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: इंदिरा चौक में रास्ता रोक रहा गड्ढा, निगम को एक साल से नहीं आया नजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। इंदिरा चौक में नाले पर छह फुट चौड़ा और 12 फुट गहरा गड्ढा एक साल से नगर निगम को नजर नहीं आ रहा है। यहां हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। बावजूद इसके सुध नहीं ली जा रही। बीते साल बरसात में नाला अवरुद्ध हुआ था। इसके बाद खोदाई कर इसे बहाल किया गया, लेकिन गड्ढा नहीं भरा गया। इस काम के लिए अब तक सात बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन काम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इंदिरा चौक से ही लोग पुराने शहर को आते-जाते हैं। शालामार अस्पताल भी साथ होने के कारण अधिकतर मरीज और तीमारदार भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिन्हें आवागमन में परेशानी होती है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पहले नाले पर लेंटर डाला जाना है। इसके बाद गड्ढा भरा जाएगा। उधर, पार्षद संध्या गुप्ता भी इस मसले को कई बार हाउस की बैठक में उठा चुकी हैं। लेकिन नाले के काम के लिए आश्वासन ही मिले हैं। एस्टीमेट बनाने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा राहगीर भुगत रहे हैं।
टेंडर प्रक्रिया पूरी करवाकर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा। नाले पर लेंडर डालने और गड्ढा भरने के काम पर दस लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- राजेश संवरिया, संयुक्त आयुक्त वर्कर्स, नगर निगम
विज्ञापन
जम्मू। इंदिरा चौक में नाले पर छह फुट चौड़ा और 12 फुट गहरा गड्ढा एक साल से नगर निगम को नजर नहीं आ रहा है। यहां हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। बावजूद इसके सुध नहीं ली जा रही। बीते साल बरसात में नाला अवरुद्ध हुआ था। इसके बाद खोदाई कर इसे बहाल किया गया, लेकिन गड्ढा नहीं भरा गया। इस काम के लिए अब तक सात बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन काम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इंदिरा चौक से ही लोग पुराने शहर को आते-जाते हैं। शालामार अस्पताल भी साथ होने के कारण अधिकतर मरीज और तीमारदार भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिन्हें आवागमन में परेशानी होती है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पहले नाले पर लेंटर डाला जाना है। इसके बाद गड्ढा भरा जाएगा। उधर, पार्षद संध्या गुप्ता भी इस मसले को कई बार हाउस की बैठक में उठा चुकी हैं। लेकिन नाले के काम के लिए आश्वासन ही मिले हैं। एस्टीमेट बनाने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा राहगीर भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
टेंडर प्रक्रिया पूरी करवाकर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा। नाले पर लेंडर डालने और गड्ढा भरने के काम पर दस लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- राजेश संवरिया, संयुक्त आयुक्त वर्कर्स, नगर निगम