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US की तरह काउंटर टेररिज्म पर वेबसाइट बनाना चाहती है सेना

Sun, 31 Jan 2016 10:50 AM IST
Updated Sun, 31 Jan 2016 10:50 AM IST
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indian army plans a website on counter terrorism

कश्मीरी युवकों को सोशल साइट के जरिए आकर्षित करने के हो रहे प्रयासों को रोकने के लिए वह अमेरिका की तरह काउंटर टेरेरिज्म साइट बनाने पर विचार कर रही है।

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इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अन्य आतंकी संगठनों द्वारा सोशल साइट्स के उपयोग सेना बेहद गंभीर है। खासकर कश्मीरी युवकों को सोशल साइट के जरिए आकर्षित करने के हो रहे प्रयासों को रोकने के लिए वह अमेरिका की तरह काउंटर टेरेरिज्म साइट बनाने पर विचार कर रही है।
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सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा कि पिछले कुछ समय से आतंकी संगठन सोशल साइट के जरिए कश्मीरी युवाओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं।
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हुड्डा ने कहा कि सेना इस मुद्दे को हल्के में नहीं ले रही है। इसकी काट पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हुड्डा के अनुसार अमेरिकी सेना ने भी काउंटर टेरेरिज्म पर साइट बनाई है। इसका काफी लाभ मिल सकता है।

पढ़े लिखे युवाओं को आतंकी संगठन टारगेट बना रहे हैं

indian army plans a website on counter terrorism

क्योंकि आजकल पढ़े लिखे युवाओं को आतंकी संगठन टारगेट बना रहे हैं। इससे उन युवाओं को रोकना होगा। सेना भी ऐसी साइट बनाना चाहती है, लेकिन इसके लिए कुछ तकनीकी समस्याएं हैं।

पिछले कुछ समय में आतंकी बुरहान ने सोशल साइट के जरिए कश्मीरी युवाओं को रिझाने में कुछ कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद तमाम सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।

घाटी में आईएस के आधार पर हुड्डा इंकार करते हैं। उनका कहना है कि पिछले दिनों कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने भी इसका विरोध किया है। कश्मीर के लोग आईएस को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

वह जानते हैं कि कश्मीरी युवाओं के लिए यह अच्छा नहीं है। पिछले कुछ समय से आईबी और एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन थमने के बावजूद सेना इसे हल्के में नहीं ले रही।

लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा कहते हैं कि पिछले कुछ समय में दोनों देशों की ओर से अमन के लिए बैठकें की गईं हैं। यह एक अच्छा संकेत है। लेकिन इस हल्के में नहीं लिया जा सकता। दोनों देशों के बीच शांति के बाधक कभी भी कुछ कर सकते हैं।

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