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भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दुनिया में अग्रणी : उपराज्यपाल
Fri, 26 Sep 2025 04:34 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 26 Sep 2025 04:34 AM IST
सार
श्रीनगर स्थित कश्मीर विश्वविद्यालय में नीति आयोग की एटीएल सारथी पहल का उद्घाटन किया गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे युवाओं के लिए नवाचार और कौशल विकास का बड़ा अवसर बताया। इससे जम्मू-कश्मीर में छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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विस्तार
श्रीनगर। हजरतबल स्थित कश्मीर विश्वविद्यालय के कन्वोकेशन कांप्लेक्स में वीरवार को नीति आयोग की पहल एटीएल सारथी के उद्घाटन किया गया। इस दौरान बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी में दुनिया में अग्रणी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को नवाचार से प्रेरित समाज में बदल रहे हैं। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए एआई डिजाइन एवं डेवेलपमेंट तक अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है। उपराज्यपाल ने एटीएल सारथी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक अटल टिंकरिंग लैब को मार्गदर्शन और पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक सच्ची श्रद्धांजलि है। ये लैब हमारे युवा छात्रों को सशक्त बना रही हैं और उन्हें नई खोज और आत्म-विकास के साधन प्रदान कर रही हैं, साथ ही समस्या-समाधान जैसे कौशल भी प्रदान कर रही हैं। भारत की अमृत पीढ़ी की जिज्ञासा को पोषित करके, एटीएल लैब एक विकसित और आकांक्षी राष्ट्र की नींव रख रही हैं।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू, उधमपुर, राजोरी, कुलगाम, शोपियां, श्रीनगर और कई अन्य जिलों में छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है और छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस किया जा रहा है। उन्होंने सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से 500 अतिरिक्त अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये अतिरिक्त लैब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में अटल टिंकरिंग लैब शुरू करके समावेशी नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद थे। उन्होंने योजनाओं की जानकारी दी और युवाओं को नवाचारों के लिए प्रेरित किया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू, नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागला, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शांतमनु, कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान, रामनिवास शर्मा, दीपाली उपाध्याय, प्रो. नसीर इकबाल ने भी अपने विचार रखे।
युवाओं को अवसर प्रदान करेंगी टिंकरिंग लैब
उपराज्यपाल ने जम्मू संभाग में अटल टिंकरिंग लैब की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ये लैब क्षेत्र के युवाओं को कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने का व्यापक अवसर प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नवाचार अब केवल उद्योगों तक ही सीमित नहीं रहा, यह हमारे समाज का एक स्थायी हिस्सा बन गया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता का लाभ उठाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए भी कहा।
छह वर्षों के लिए मिले एक करोड़ रुपये
उपराज्यपाल ने कहा कि अगले छह वर्षों के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार के लिए एक लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक कोष मिला है। यह कोष ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जलवायु परिवर्तन और क्वांटम कंप्यूटिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी गहन तकनीकों तक, उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति को गति प्रदान कर रहा है। उन्होंने कश्मीर विश्वविद्यालय से अटल टिंकरिंग लैब के शिक्षकों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने, उनकी क्षमता को उजागर करने और रचनात्मकता एवं नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों के मॉडलों को सराहा
उपराज्यपाल ने अटल टिंकरिंग लैब के छात्रों की ओर से प्रदर्शित अभिनव परियोजनाओं के स्टॉलों का भी दौरा किया और युवा नवप्रवर्तकों के साथ बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडलों को सराहा। साथ ही अटल टिंकरिंग लैब के छात्रों के नवाचारों वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कॉर्पोरेट और फाउंडेशन भागीदारों के प्रतिनिधियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी सीएसआर पहलों के बारे में भी जानकारी दी।
एटीएल सारथी पहल के लाभ
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने बताया कि कश्मीर विश्वविद्यालय एटीएल सारथी पहल के लिए एक नोडल संस्थान के रूप में कार्य करेगा। यह नीति आयोग के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) के साथ मज़बूत निगरानी तंत्र और मजबूत संस्थागत संबंध स्थापित करेगा। यह पहल एटीएल शिक्षकों के लिए मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण और छात्रों को विचारों को व्यावसायिक प्रोटोटाइप में बदलने में मार्गदर्शन प्रदान करने पर केंद्रित होगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को नवाचार से प्रेरित समाज में बदल रहे हैं। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए एआई डिजाइन एवं डेवेलपमेंट तक अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है। उपराज्यपाल ने एटीएल सारथी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक अटल टिंकरिंग लैब को मार्गदर्शन और पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है।
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उन्होंने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक सच्ची श्रद्धांजलि है। ये लैब हमारे युवा छात्रों को सशक्त बना रही हैं और उन्हें नई खोज और आत्म-विकास के साधन प्रदान कर रही हैं, साथ ही समस्या-समाधान जैसे कौशल भी प्रदान कर रही हैं। भारत की अमृत पीढ़ी की जिज्ञासा को पोषित करके, एटीएल लैब एक विकसित और आकांक्षी राष्ट्र की नींव रख रही हैं।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू, उधमपुर, राजोरी, कुलगाम, शोपियां, श्रीनगर और कई अन्य जिलों में छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है और छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस किया जा रहा है। उन्होंने सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से 500 अतिरिक्त अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये अतिरिक्त लैब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में अटल टिंकरिंग लैब शुरू करके समावेशी नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद थे। उन्होंने योजनाओं की जानकारी दी और युवाओं को नवाचारों के लिए प्रेरित किया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू, नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागला, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शांतमनु, कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान, रामनिवास शर्मा, दीपाली उपाध्याय, प्रो. नसीर इकबाल ने भी अपने विचार रखे।
युवाओं को अवसर प्रदान करेंगी टिंकरिंग लैब
उपराज्यपाल ने जम्मू संभाग में अटल टिंकरिंग लैब की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ये लैब क्षेत्र के युवाओं को कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने का व्यापक अवसर प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नवाचार अब केवल उद्योगों तक ही सीमित नहीं रहा, यह हमारे समाज का एक स्थायी हिस्सा बन गया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता का लाभ उठाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए भी कहा।
छह वर्षों के लिए मिले एक करोड़ रुपये
उपराज्यपाल ने कहा कि अगले छह वर्षों के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार के लिए एक लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक कोष मिला है। यह कोष ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जलवायु परिवर्तन और क्वांटम कंप्यूटिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी गहन तकनीकों तक, उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति को गति प्रदान कर रहा है। उन्होंने कश्मीर विश्वविद्यालय से अटल टिंकरिंग लैब के शिक्षकों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने, उनकी क्षमता को उजागर करने और रचनात्मकता एवं नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों के मॉडलों को सराहा
उपराज्यपाल ने अटल टिंकरिंग लैब के छात्रों की ओर से प्रदर्शित अभिनव परियोजनाओं के स्टॉलों का भी दौरा किया और युवा नवप्रवर्तकों के साथ बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडलों को सराहा। साथ ही अटल टिंकरिंग लैब के छात्रों के नवाचारों वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कॉर्पोरेट और फाउंडेशन भागीदारों के प्रतिनिधियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी सीएसआर पहलों के बारे में भी जानकारी दी।
एटीएल सारथी पहल के लाभ
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने बताया कि कश्मीर विश्वविद्यालय एटीएल सारथी पहल के लिए एक नोडल संस्थान के रूप में कार्य करेगा। यह नीति आयोग के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) के साथ मज़बूत निगरानी तंत्र और मजबूत संस्थागत संबंध स्थापित करेगा। यह पहल एटीएल शिक्षकों के लिए मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण और छात्रों को विचारों को व्यावसायिक प्रोटोटाइप में बदलने में मार्गदर्शन प्रदान करने पर केंद्रित होगी।