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Exclusive: सैनिकों की शहादत से लद्दाखियों में आक्रोश, लोग बोले- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा
Tue, 16 Jun 2020 10:41 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 16 Jun 2020 10:41 PM IST
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लद्दाख
- फोटो : सोशल मीडिया
पिछले 43 दिन से एलएसी पर तनाव और फिर सैनिकों की शहादत पर लद्दाखियों में आक्रोश है। लोगों और प्रतिनिधियों का कहना है कि चीन भरोसे के लायक नहीं है, ये बात सभी जानते हैं।
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लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे सज्जाद हुसैन ने कहा कि लद्दाखियों का मनोबल कभी नहीं गिरता। यहां के बाशिंदे चीन और पाकिस्तान से युद्ध देख चुके हैं। बॉर्डर पर तनाव की स्थिति में पूरा देश साथ खड़ा है।
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एलएसी से सटे चुशुल क्षेत्र से लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के सदस्य कोनचोक स्टेन्ज़िन ने कहा कि पिछले एक माह से दो दर्जन से ज्यादा अग्रिम इलाकों के गांव का संपर्क कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन को लेकर भारत की ओर से कारगर कदम उठाए जाने चाहिए।
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सैनिकों की शहादत से लद्दाख में आक्रोश की लहर
अंजुमन इमामिया लेह के अध्यक्ष अशरफ अली बारचा ने कहा कि एलएसी पर हमारे सैनिकों की शहादत से पूरे लद्दाख में आक्रोश की लहर है। चीन की हरकतों को दशकों से बर्दाश्त किया जा रहा है। एलएसी पर ऐसे हालात दशकों बाद बने हैं। चीन को इससे ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।