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'मुस्लिमों पर शक करके कश्मीर साथ रखना मुश्किल'

Thu, 25 Feb 2016 01:30 PM IST
Updated Thu, 25 Feb 2016 01:30 PM IST
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india can't keep J&K if muslims viewed with suspicion, says abdullah

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर देश के मुसलमानों को संदेह से देखने वाली और अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यकों के खिलाफ पेश करने वाली ताकतों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भारत कश्मीर को साथ नहीं रख पाएगा।

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अब्दुल्ला ने बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत में ऐसा तूफान खड़ा किया जाता है जो खतरे की घंटे की है और अगर हम इसे नहीं समझते, अगर हम हिंदुओं को मुसलमानों से लड़ाना जारी रखते हैं, तो मैं आपको बता रहा है कि केंद्र को कश्मीर को साथ रखना मुश्किल हो जाएगा।
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श्रीनगर में बुधवार को नेकां मुख्यालय में पूर्व महासचिव शेख नजीर अहमद की प्रथम पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे अब्दुल्ला  ने कहा कि यह एक सच्चाई है चाहे आप इसे पसंद नहीं करते हों। उन्होंने कहा कि मुसलमान देश के दुश्मन नहीं है, लेकिन उनको अब भी संदेह की नजर से देखा जाता है।
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भारत मुसलमानों के दिल में रहता है

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फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि आज, मुसलमान को संदेह की नजर से देखा जाता है। क्या मुसलमान भारतीय नहीं है? क्या उसने कोई कुर्बानी नहीं दी? क्या आप ब्रिगेडियर उस्मान (1947 के भारत-पाक युद्ध में शहीद) को भूल गए?

अब्दुल्ला ने कहा कि क्या आप उन सैनिकों को भूल गए जो मुसलमान थे और देश के लिए एवं आज भी लड़ रहे हैं? मुसलमान भारत के दुश्मन नहीं हैं।  फारुख अब्दुल्ला ने मोदी सरकार को चेताते हुए कहा क‌ि, उन तत्वों पर काबू करो जो मुसलमानों को दुश्मन बताते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत मुसलमानों के दिल में रहता है। खुदा के लिए देश को उस दिशा में मत ले जाइए जहां हम मुसलमान और हिंदू को अलग अलग रखते हों। यह वह भारत नहीं होगा जिसका निर्माण महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, शेर-ए-कश्मीर शेख अब्दुल्ला, जवाहर लाल नेहरू और दूसरे लोगों ने किया है।

'मेरे खून का रंग लाल नहीं होता, हरा होता और तुम्हारा खून केसर‌िया'

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अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री और केंद्रीय मंत्री ने कहा क‌ि, 'अगर हमारे बीच कोई अंतर होता तो मेरे खून का रंग लाल नहीं होता, हरा होता और तुम्हारा खून केसर‌िया होता और ईसाईयों के खून का रंग क‌ुछ और होता। भगवान ने हम सब एक जैसा बनाया है। मतभेदों को सुधारने और दिल को एकजुट करने की कोशिश करो' ।

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता प्रक्रिया को मुंबई और पठानकोट जैसी घटनाओं की परवाह किए बगैर आगे जारी रखना चाह‌िए। आप तभी शांत‌ि स्थाप‌ित कर सकते हैं जब आप लोगों का द‌िल जीत लेगें। भारत और पाक‌िस्तान दोस्ती का हाथ पकड़ के साथ-साथ यहां बुनियादी मुद्दों का समाधान करें।

उन्होंने कहा क‌ि मुंबई औप पठानकोट जैसी घटनाएं इस ल‌िए हो रही है क‌ि कुछ लोग चाहते हैं क‌ि भारत और पाक‌िस्तान के बच दूर‌ियां बनी रहे और वे एक दूसरे से लड़ते रहें। हमें इन लोगों के ख‌िलाफ लड़ने के ल‌िए वार्ता को लगातार जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि वह लोगों से लोगों के बीच संपर्क के लिए दोनों देशों के बीच एक खुली सीमा का समर्थन करते हैं।

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