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250 सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में गोल मार्केट में सात कनाल से हटाया कब्जा
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गोल मार्केट में कब्जा हटाने के दौरान लोगों से बात करते हाउसिंग बोर्ड के अफसर।
- फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। हाउसिंग बोर्ड ने शहर के गोल मार्केट में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की सात कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात 12 बजे शुरू की गई। इसके लिए देर रात को हाउसिंग बोर्ड के उच्चाधिकारी 250 के करीब सुरक्षा बलों और पुलिस बल के साथ पहुंच गए। गोल मार्केट को पूरी तरह से सील कर दिया गया, किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि मीडिया कर्मी भी अंदर नहीं जाने दिए गए। रात एक बजे जमीन की निशानदेही की गई। रात दो बजे से रास्तों से कंटीले तार हटा दिए गए। साथ ही होर्डिंग को भी हटाया गया। रात भर कार्रवाई जारी रही। रविवार सुबह बोर्ड ने चारदीवारी के लिए खुदाई का काम शुरू करवाया, जो दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। शनिवार रात को ही चारदीवारी के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाई गई थी।
इस दौरान बोर्ड के अधिकारियों और दूसरे पक्ष के बीच काफी गहमागहमी हुई। कब्जाधारी रात भर प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट से स्टे लगा होने के बावजूद कार्रवाई की गई है। उधर, अधिकारियों का तर्क है कि ये सरकारी आदेश हैं, कागजी कार्रवाई पूरी कर ही कब्जा हटाया गया है।
कलेक्टर और एमडी ने भूमि के कब्जे के कागज भी दिखाए। कब्जाधारियों ने काफी देर तक अधिकारियों को घेरे रखा, लेकिन कलेक्टर अवलीन ने सरकारी आदेशों का हवाला देकर कार्रवाई को जारी रखने के आदेश दिए। कार्रवाई रविवार देर शाम तक जारी रही।
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हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर दशकों से अतिक्रमण था, जिसे हटा दिया गया है। सात कनाल जमीन का बाजार में मूल्य 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कानूनी रूप से इसमें कोई विवाद नहीं है। कार्रवाई के तहत हाउसिंग बोर्ड की भूमि को सुरक्षित किया गया है। अतिक्रमण को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार अतिक्रमण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।
- धीरज गुप्ता, प्रधान सचिव शहरी विकास एवं आवास विभाग
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कागजों में जमीन बोर्ड के नाम
सरकारी आदेशों के अनुसार ही कब्जा हटाया जा रहा है। जमीन हाउसिंग बोर्ड की है और कागजों में भी यह बोर्ड के नाम पर है। कब्जा हटाने के बाद अब किसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
- मोहम्मद शाहिद, एमडी, हाउसिंग बोर्ड
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- 1958 से है जमीन पर कब्जा
कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही सात कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। बोर्ड की जमीन पर 1958 से कब्जा किया गया है, जिसे अब हटाया जा रहा है। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- अवलीन, कलेक्टर, हाउसिंग बोर्ड
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बोर्ड के अधिकारी दिखा रहे अपनी शक्ति
दूसरे पक्ष से डॉ. आशिफ ने बताया कि जमीन पर लंबे समय से उनके पूर्वजों का कब्जा रहा है। बोर्ड ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की है। कोर्ट में जमीन पर स्टे लगा है। ऐसे में कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अन्य हिस्सेदारों का कहना है कि पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज करवाने गए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। तीन थानों के एसएचओ यहां पर तैनात हैं तो उनकी शिकायत कौन सुनेगा। बोर्ड के अधिकारी अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग कर रहे हैं। यह सही नहीं है।
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प्लॉट के चारों ओर रहा कड़ा सुरक्षा घेरा
प्लॉट के चारों ओर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहा। मुख्य गेट के पास तीन थानों की पुलिस के साथ सुरक्षा बल तैनात रहे। किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। शनिवार रात को इतनी ज्यादा संख्या में सुरक्षा कर्मियों को देखकर हड़कंप मच गया। बाद में पता चला कि यहां से कब्जा हटाया जाना है।
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इस दौरान बोर्ड के अधिकारियों और दूसरे पक्ष के बीच काफी गहमागहमी हुई। कब्जाधारी रात भर प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट से स्टे लगा होने के बावजूद कार्रवाई की गई है। उधर, अधिकारियों का तर्क है कि ये सरकारी आदेश हैं, कागजी कार्रवाई पूरी कर ही कब्जा हटाया गया है।
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कलेक्टर और एमडी ने भूमि के कब्जे के कागज भी दिखाए। कब्जाधारियों ने काफी देर तक अधिकारियों को घेरे रखा, लेकिन कलेक्टर अवलीन ने सरकारी आदेशों का हवाला देकर कार्रवाई को जारी रखने के आदेश दिए। कार्रवाई रविवार देर शाम तक जारी रही।
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हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर दशकों से अतिक्रमण था, जिसे हटा दिया गया है। सात कनाल जमीन का बाजार में मूल्य 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कानूनी रूप से इसमें कोई विवाद नहीं है। कार्रवाई के तहत हाउसिंग बोर्ड की भूमि को सुरक्षित किया गया है। अतिक्रमण को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार अतिक्रमण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।
- धीरज गुप्ता, प्रधान सचिव शहरी विकास एवं आवास विभाग
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कागजों में जमीन बोर्ड के नाम
सरकारी आदेशों के अनुसार ही कब्जा हटाया जा रहा है। जमीन हाउसिंग बोर्ड की है और कागजों में भी यह बोर्ड के नाम पर है। कब्जा हटाने के बाद अब किसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
- मोहम्मद शाहिद, एमडी, हाउसिंग बोर्ड
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- 1958 से है जमीन पर कब्जा
कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही सात कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। बोर्ड की जमीन पर 1958 से कब्जा किया गया है, जिसे अब हटाया जा रहा है। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- अवलीन, कलेक्टर, हाउसिंग बोर्ड
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बोर्ड के अधिकारी दिखा रहे अपनी शक्ति
दूसरे पक्ष से डॉ. आशिफ ने बताया कि जमीन पर लंबे समय से उनके पूर्वजों का कब्जा रहा है। बोर्ड ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की है। कोर्ट में जमीन पर स्टे लगा है। ऐसे में कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अन्य हिस्सेदारों का कहना है कि पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज करवाने गए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। तीन थानों के एसएचओ यहां पर तैनात हैं तो उनकी शिकायत कौन सुनेगा। बोर्ड के अधिकारी अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग कर रहे हैं। यह सही नहीं है।
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प्लॉट के चारों ओर रहा कड़ा सुरक्षा घेरा
प्लॉट के चारों ओर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहा। मुख्य गेट के पास तीन थानों की पुलिस के साथ सुरक्षा बल तैनात रहे। किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। शनिवार रात को इतनी ज्यादा संख्या में सुरक्षा कर्मियों को देखकर हड़कंप मच गया। बाद में पता चला कि यहां से कब्जा हटाया जाना है।