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श्रीनगर: 1999 में ऑपरेशन बिरसा मुंडा के दौरान शहीद हुए कप्तान के युद्ध स्मारक का उद्घाटन
Tue, 06 Jul 2021 10:28 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:28 AM IST
सार
कैप्टन सूरी को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी टीम के तीन सदस्यों ने भी सर्वोच्च बलिदान दिया था।.
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भारतीय सेना
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विस्तार
भारतीय सेना ने रविवार को कैप्टन गुरजिंदर सिंह सूरी को समर्पित एक युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। कैप्टन ने 1999 में जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर ऑपरेशन बिरसा मुंडा के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।
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सेना के प्रवक्ता कर्नल इमरान मुसावी ने एक बयान में कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामुला के गुलमर्ग में एक फारवर्ड लोकेशन पर स्मारक का उद्घाटन कैप्टन सूरी के पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल तेज प्रकाश सिंह सूरी की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई को कैप्टन सूरी का जन्मदिन भी होता है।
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कर्नल मुसावी ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल तेज प्रकाश सिंह सूरी ने नियंत्रण रेखा पर 10000 फीट से अधिक ऊंचाई तक पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा की और आखिरकार युद्ध के मैदान में जाने के अपने सपने को पूरा किया, जहां उनके बेटे ने ऑपरेशन बिरसा मुंडा के दौरान वर्ष 1999 में बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन बिरसा मुंडा भारतीय सेना की बिहार बटालियन द्वारा नवंबर 1999 में एक पाकिस्तानी पोस्ट पर की गई दंडात्मक छापेमारी थी।
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उन्होंने यह भी कहा कि यह वह समय था जब ऑपरेशन विजय समाप्त हो गया था, लेकिन नियंत्रण रेखा अभी भी उस पार हिंसा की छिटपुट घटनाओं के साथ सक्रिय थी। मुसावी ने कहा एक तेज और सावधानीपूर्वक नियोजित अभियान में पूरी पाकिस्तानी चौकी को नष्ट कर दिया गया जिसमें 17 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।