केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू तेजी से एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में मोदी सरकार से जम्मू को मिलने वाला बढ़ावा आसपास के कई अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक है। यह बात उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमैंट (आईआईएम) जम्मू के नए बैच के ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में जम्मू को राष्ट्रीय महत्व के छह से सात शैक्षणिक संस्थान मिले हैं, इसके अलावा लगभग दस के करीब केंद्र की तरफ से फंडिड शिक्षण संस्थान भी जम्मू को ही मिले हैं।
जम्मू संभाग को आवंटित राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट (आईआईएम), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी (आईआईटी), ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (एआईआईएमएस) शामिल हैं।
वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन (आईआईएमसी) ने 2012-13 के आसपास अपना क्षेत्रीय केंद्र शुरू कर दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार के तहत एक स्थायी परिसर की स्थापना की गई और इसी तरह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिड मेडिसिन (आईआईआईएम) को भी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहयोग परियोजनाओं के साथ काफी बढ़ावा दिया गया।
उन्होंने कहा कि नए डोमिसाइल कानून का सकारात्मक परिणाम जम्मू में सभी नए प्रमुख संस्थानों पर पड़ेगा। इससे इन संस्थानों में सबसे बेहतरीन स्टाफ को लाया जा सकेगा। इस दौरान जितेंद्र सिंह ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि आईआईएम में 30 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्कॉलरों का नया बैच शुरू हो रहा है। जिसमें से 35 प्रतिशत स्कॉलर इंजीनियरिंग स्ट्रीम से हैं।
उन्होंने कहा कि इससे टेक्निकल स्किल को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन डॉ. मीलिंद कांबले ने भी कई अहम विषयों पर बात की। साथ ही आईआईएम के नए कैंपस पर आधारित वीडियो फिल्म भी सभी को दिखाई गई।
एमबीए के पांचवें बैच और पीएचडी में 240 विद्यार्थी शामिल
आईआईएम के एमबीए के पांचवें बैच और पीएचडी के पहले बैच के लिए 240 विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम सुबह 7.30 से योगा सेशन के साथ किया गया। जिसकी अध्यक्षता योगा इंस्ट्रक्टर विजयंती जोशी द्वारा की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रोफेसर और आईआईएम के प्रिंसिपल से बातचीत करने का अवसर दिया गया।