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एसएसी का महत्वपूर्ण फैसला: 41 हजार को मिलेगा लाभ, एसएसए शिक्षक होंगे नियमित

Mon, 10 Dec 2018 04:55 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 10 Dec 2018 04:55 AM IST
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Important decision of SAC in jammu kashmir
governor satyapal malik - फोटो : बासित जरगर
राज्य प्रशासनिक परिषद ने रियासत के शिक्षण कैडर को व्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला किया है।  एसएसी ने तीन महीने पहले स्थापित समिति द्वारा अनुशंसित कार्य योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत शिक्षकों के लिए अलग कैडर गठित किया जाएगा। एसएसए शिक्षक नियमित वेतनमान आधारित कैडर में शामिल हो जाएंगे। 
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अभूतपूर्व तौर पर 28,363 अधिसंख्य पद भी सृजित किए जाएंगे। इन अध्यापकों को 1 सितंबर 2018 से 29,200 से 92,300 (एल-5) वेतनमान दिया जाएगा। इन पदों को नियमित रूप से रहबर- ए -तालीम (आरआरईटी)शिक्षकों के जरिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री के साथ चयन कर 100 फीसदी भरा जाएगा। शिक्षकों का यह कैडर विशेष रूप से आरआरईटी को समायोजित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
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राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक की अध्यक्षता रविवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने की। प्रवक्ता ने कहा, इसके परिणामस्वरूप शिक्षकों की अधिक जवाबदेही, अनुशासन, क्षमता और राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पिछले कुछ वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग को कई कैडर 
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शिक्षकों,एसएसए,आरएमएसए  
शिक्षण संकाय और कई अन्य संबंधित मुद्दों के वेतन को पूरा करने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता के कारण अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जो गुणवत्ता पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभाव डाल रहे थे। 

41 हजार अध्यापक दे रहे सेवाएं 

एसएसए गवर्नमेंट टीचर फोरम जेएंडके के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि राज्य में 41 हजार अध्यापक एसएसए के तहत सेवाएं दे रहे हैं। अध्यापकों की तैनाती 2002 से हुई है। योजना के तहत 4500 मास्टर और 2 हजार पि्रंसिपल भी लाभान्वित हुए हैं। लेक्चररों, हेडमास्टरों, प्रिंसिपलों, सीईओ को भी नए सृजित पदों में नियमित किया जाएगा।  
  
भर्ती नियमों में होगा संशोधन
 
स्कूल शिक्षा विभाग इस निर्णय को प्रभावी करने के लिए आवश्यक जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा (अधीनस्थ) सेवा भर्ती नियम, 2008 में संशोधन करेगा। कार्य योजना में हेडमास्टर्स के 526 पदों, स्कूल शिक्षा विभाग में हेडमास्टर्स और मास्टर के साथ रमसा के तहत रखे गए विषय विशेषज्ञ अध्यापकों के 3132 पदों, 4522 कोटा रिक्त गैर-शिक्षण पदों को सृजित 28363 पदों में से भरा जाएगा। 

पदोन्नति में मिली छूट 
स्कूल शिक्षा विभाग को जेकेपीएससी / डीपीसी को मामलों का जिक्र किए बिना राजपत्रित श्रेणी के संबंध में अधिकारियों (बैकलॉग और ताजा) के नियमितकरण / पुष्टि / पदोन्नति के लिए छूट दी गई है।

4522 पदों को मूल स्थिति में किया बहाल
गैर शिक्षण कर्मचारियों की 4522 पदों को सभी मूलभूत पदों को समायोजित / सबमिशन करने के बाद उपलब्ध होने पर उनकी मूल स्थिति में बहाल किया जाएगा।

नोडल अधिकारी सौंपेंगे पदों पर रिपोर्ट

एसएसी ने निर्देश दिया कि प्रशासनिक सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक, स्कूल शिक्षा कश्मीर / जम्मू के अधिकारियों की एक समिति शिक्षकों या गैर-शिक्षण श्रेणी की रिक्तियों का पूरा रिकॉर्ड बनाने के लिए नोडल अधिकारियों का चयन करेगी। कमेटी रिक्तियों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। 

मानव संसाधन प्रबंधन शाखा का होगा गठन
स्कूल शिक्षा विभाग और सिविल सचिवालय में मानव संसाधन प्रबंधन (एचआरएम) शाखा का गठन किया जाएगा। 13 अगस्त 2018 के के सरकारी आदेश के अनुसार गठित अधिकारियों की समिति 7706 स्नातक शिक्षकों के मामलों की जांच करेगी। जिनके पास नियमित शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति / स्नातक स्तर की योग्यता नहीं है। समिति एक महीने की अवधि के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट जमा करेगी।

1400 करोड़ प्रति वर्ष बढ़ेगा बजट 
आरआरईटी के कैडर को शिक्षकों के नियमित कैडर में बदलने से एसएसए और आरएमएसए शिक्षकों के वेतन घाटे को पूरा किया जा सकगा। कैडर का बजट अब राज्य के बजट में आवंटित1400 करोड़ रुपये प्रति वर्ष से अधिक होगा। शिक्षकों को विभिन्न कैडरों के एक नियमित शिक्षण कैडर में शामिल करने से समय पर नियमित मासिक वेतन मिलेगा।
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