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Encroachment : जम्मू-कश्मीर में 18,000 करोड़ की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, चल रही है बेदखली प्रक्रिया
Fri, 14 Mar 2025 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Mar 2025 05:29 AM IST
सार
सरकार ने इन कब्जों को हटाने के लिए बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू file
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हैं। सरकार ने इन कब्जों को हटाने के लिए बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
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राज्य की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा सदन में गूंजा। सदस्यों ने कहा कि राज्य की जमीन पर बड़े पैमाने पर कब्जे कर उन पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना दिए गए। पूरे प्रदेश के लिए यह गंभीर मुद्दा होने के साथ ही बड़ी चुनौती है। सदस्यों ने इस पर अलग से बहस करवाने की मांग की। भाजपा विधायक नरिंदर सिंह रैना, राजीव जसरोटिया और आरएस पठानिया सहित कई सदस्यों ने अतिक्रमण हटाने के लिए समय सीमा तय करने की मांग की।
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सरकार का दावा-17,27,241 कनाल जमीन पर था अतिक्रमण, ज्यादातर मुक्त करा ली गई
मंत्री ने सदन को बताया कि 18,049.6 करोड़ रुपये कीमत की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है। प्रदेश में कुल 17,27,241 कनाल और आठ मरला सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा था। इसमें से ज्यादातर सरकारी जमीन कब्जामुक्त करा ली गई है। अब भी 3,13,645 कनाल और 12 मरला भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
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खाली कराई जा रही जमीन भूमिहीनों को दी जा रही
मंत्री ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों से खाली कराई गई भूमि में से पांच-पांच मरला भूमिहीन लोगों को आवंटित किया जा रहा है। कठुआ जिले को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां भी अवैध कब्जे वाली जमीन वापस ली जा रही है। सांबा के कोरेपुन्नू गांव में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा वहां अवैध कब्जा नहीं है।
कठुआ में 157 कनाल जमीन अतिक्रमण
कठुआ जिले में अतिक्रमण के सवाल पर जानकारी दी गई कि बुद्धि में 64 कनाल 10 मरला, नानन में 40 कनाल 10 मरला, फोरलेन के पास 52 कनाल 8 मरला जमीन पर कब्जा है। जिले में कुल 157 कनाल 8 मरला जमीन पर अतिक्रमण है। मांजली में 70 कनाल और सांबा में 59 कनाल 12 मरला जमीन पर अतिक्रमण है।
6,098.53 कनाल कृषि भूमि का बदला भू-उपयोग
मंत्री ने बताया कि कठुआ और सांबा जिले में कुल 6,098.53 कनाल कृषि भूमि का भू-उपयोग औद्योगिक और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए परिवर्तित किया गया है। कठुआ और जसरोटा में 4,729 कनाल और 19.33 मरला का भू-उपयोग औद्योगिक किया गया है। वहीं, 559 कनाल और 18 मरला भूमि का भू-उपयोग कृषि से बदलकर वाणिज्यिक किया गया। सांबा में औद्योगिक उपयोग के लिए 156 कनाल, 7 मरला और वाणिज्यिक उपयोग के लिए 654 कनाल और 10 मरला जमीन का भू-उपयोग बदला गया।
निजी व्यक्तियों को नहीं दी गई जमीन
मंत्री ने बताया कि राजस्व विभाग ने औद्योगिक एस्टेट स्थापित करने के लिए निजी व्यक्तियों को राज्य की भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है। हालांकि, उद्योग व वाणिज्य विभाग के अनुरोधों के आधार पर पिछले दो वर्षों में विभिन्न जिलों में 12,260 कनाल और 3 मरला भूमि हस्तांतरित की गई है।
सरकार का दावा- नीति के तहत उद्योगों के लिए भूमि आवंटित
मंत्री ने बताया कि निर्धारित नीति के तहत ही उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित की गई है। पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में उद्योगों को छोड़कर किसी भी फर्म, कंपनी या व्यक्ति को जमीन आवंटित नहीं की गई है। मंत्री सकीना इट्टू ने भूमि आवंटन के संबंध में विधायक मीर सैफुल्लाह की ओर से उठाए गए पूरक प्रश्न पर यह जानकारी दी।