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आरएसएस की विचारधारा राष्ट्रवादी: डा. निर्मल सिंह
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 26 May 2016 10:49 PM IST
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उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने वीरवार को कहा कि सर्वधर्म सद्भाव और वासुदेव कुट बुकम का सिद्घांत ही आरएसएस की मूल भावना है। सबका साथ-सबका विकास ही आरएसएस का लक्ष्य है।
उपमुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में मुफ्ती साहब के योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उनकी योग्यता के कारण ही उन्हें देश का गृहमंत्री बनाया गया था, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, बल्कि हमेशा जम्मू कश्मीर की जनता के कल्याण में लगे रहे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके साथ ज्यादा समय काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने सिखाया है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत अहम है।
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पूर्व विधायक स्वर्गीय सहदेव सिंह का जिक्र करते हुए डा. निर्मल सिंह ने कहा कि यहां कई सदस्यों ने खुद बताया है कि वह बेशक आरएसएस के प्रचारक रहे लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी विचारधारा को लोगों के कल्याण में आड़े नहीं आने दिया।
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उपमुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में मुफ्ती साहब के योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उनकी योग्यता के कारण ही उन्हें देश का गृहमंत्री बनाया गया था, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
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उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, बल्कि हमेशा जम्मू कश्मीर की जनता के कल्याण में लगे रहे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके साथ ज्यादा समय काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने सिखाया है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत अहम है।
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पूर्व विधायक स्वर्गीय सहदेव सिंह का जिक्र करते हुए डा. निर्मल सिंह ने कहा कि यहां कई सदस्यों ने खुद बताया है कि वह बेशक आरएसएस के प्रचारक रहे लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी विचारधारा को लोगों के कल्याण में आड़े नहीं आने दिया।