थरूर ने दिया अफजल गुरु की फांसी पर चौंकाने वाला बयान
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि 2001 में संसद पर हुए हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देना गलत था। दो साल पहले अफजल गुरु को फांसी दी गई थी जिसका कश्मीर में काफी विरोध हुआ था। तब थरूर की पार्टी कांग्रेस सत्ता में थी।
. @pankajsrini I think the hanging was both wrong &badly handled. Family should have been warned, given a last meeting & body returned
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 9, 2015
केरल से कांग्रेस सांसद थरूर ने सोशल साइट पर ट्विटर पर लिखा है कि, 'मेरे ख्याल से यह घटना गलत भी थी और इसे खराब तरीके से अंजाम दिया गया। पहले परिवार को चेतावनी दी जानी चाहिए थी। उन्हें आखिरी मुलाकात का मौका मिलना चाहिए था और बाद में उन्हें शव भी सौंपा जाना चाहिए था।'
इस खुलासे के बाद शशि थरुर ने दिया ये बयान
शशि थरूर का वह ट्वीट उस खुलासे के बाद आया है कि जम्मू-कश्मीर के पांच कांग्रेस विधायकों ने एक बयान में माना है कि अफजल गुरु की फांसी एक गलती थी।
सूत्रों की बात माने तो यह बयान राज्यसभा की एक सीट के लिए पार्टी के नेता गुलामनबी आजाद को वोट देने के बदले जारी करवाया गया। एक निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने कांग्रेस से कहा कि उनका वोट चाहिए तो ऐसा बयान जारी करें।
आजाद के लिए वोट डालने से पहले राशिद ने असेंबली में यह बयान पढ़कर सुनाया और कहा, 'लोगों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि अफजल को फांसी देने वाली कांग्रेस ने मान लिया है कि उसने अन्याय किया।'
इस बयान में कहा गया था कि अफजल गुरु के लिए माफी की मांग जायज थी और उसके अवशेष उसके परिवार को लौटाए जाने चाहिए। उसके परिवार को उससे अंतिम मुलाकात का मौका न देना भी एक गलती थी।
आतंकी संगठनों ने आज मनाया शहीद दिवस
आतंकी संगठनों ने इस दिन को शहीदी दिवस घोषित किया है। घाटी में हंगामे की आशंका के तहत कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया या नजरबंद किया गया है।
इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पुराने शहर में नौहट्टा पुलिस थाना इलाकों, सफकदल, महाराजगंज, खानयार और रैनावाडी तथा लालचौक के मैसूमा पुलिस थाना क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
श्रीनगर के उपायुक्त फारुक अहमद लोन ने से कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन इलाकों में आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं।’
पुलिस ने बताया कि जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को कल शाम उनके मैसूमा आवास से हिरासत में लेकर कोठीबाग पुलिस थाने में रखा गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘मलिक को संपूर्ण चिकित्सकीय जांच के बाद सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।’