{"_id":"5abe80c34f1c1bd3618b4945","slug":"hurriyat-conference-g-chairman-geelani-allowed-to-walk-free-on-after-end-his-detention","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीरः 8 साल बाद हटी गिलानी की नजरबंदी, मस्जिद जाकर पढ़ी जुमे की नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीरः 8 साल बाद हटी गिलानी की नजरबंदी, मस्जिद जाकर पढ़ी जुमे की नमाज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
सैयद अली शाह गिलानी और सेहरई
- फोटो : BASIT ZARGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ साल बाद हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी की नजरबंदी हटा दी गई। वह वर्ष 2010 के बाद घर से बाहर निकले। उन्होंने करीब आठ साल बाद जुमे की नमाज मस्जिद में पढ़ी।
विज्ञापन
पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि आठ वर्षों की नजरबंदी के बाद गिलानी और तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेहरई समेत कई अन्य नेता व कार्यकर्ता दोपहर करीब एक बजे हैदरपोरा जामिया मस्जिद पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को संबोधित किया।
विज्ञापन
जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि गिलानी आज मस्जिद नमाज पढ़ने आने वाले हैं तो काफी संख्या में लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे। महिलाओं की भी भारी तादाद देखने को मिली। गिलानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने नजरबंदी हटाने का जो फैसला लिया है, वह उस पर एकदम से कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।
विज्ञापन
जो भी नई रणनीतियां बनाई जाएंगी, वह पूरी तरह से विचार-विमर्श करने के बाद ही बनेंगी। मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद गिलानी सीधे घर चले गए। इधर, कुछ ही देर बाद हैदरपोरा इलाके में युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया।
इस बीच व्यस्त रहने वाले एयरपोर्ट रोड पर स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने आतंकी कमांडर जाकिर मूसा के भी नारे लगाए।
गिलानी, मीरवाइज, यासीन कहीं भी आने-जाने के लिए आजाद: डीजीपी
डीजीपी डा. एसपी वैद ने कहा कि गिलानी, मीरवाइज और यासीन कहीं भी आने-जाने के लिए आजाद हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह आजादी तब तक है, जब तक तीनों नेता यह सुनिश्चित करते हैं कि वह किसी प्रकार की राष्ट्रविरोधी भाषण और ऐसी कोई गतिविधि को अंजाम नहीं देंगे, जिससे कानून व्यवस्था खराब होने की स्थिति पैदा हो।