फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   HRA taken despite government housing, now there will be recovery from salary

सरकारी आवास के बावजूद ले लिया एचआरए, अब वेतन से होगी रिकवरी

Fri, 12 Feb 2021 05:23 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 12 Feb 2021 05:23 PM IST
विज्ञापन
HRA taken despite government housing, now there will be recovery from salary
रुपये - फोटो : pixabay

जम्मू में सरकारी आवास में रहने के बावजूद मकान किराया भत्ता (एचआरए) लेने वाले कर्मचारियों से रिकवरी की जाएगी। वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों से जांच करने को कहा है। इसके अलावा होटल आवास में कैटरिंग सुविधा लेने वाले कर्मियों से मासिक वेतन बिलों में खानपान के शुल्क में कटौती की जाएगी। सरकार के इस आदेश से कई कर्मचारी इसके घेरे में आ सकते हैं।  

विज्ञापन

यह भी पढ़ेंः आतंकी अटैकर बाबा की पत्नी गिरफ्तार, गुमराह करने के लिए बोली- मैं तो उसकी गर्लफ्रेंड हूं, फिर    
विज्ञापन


सरकार ने कहा है कि सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को अगर एचआरए का भुगतान किया गया है तो यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों की पहचान करके संबंधित कर्मचारियों के वेतन से किराए की रिकवरी की जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो एस्टेट के अलावा आरएंडबी, पर्यटन, वन विभाग समेत अन्य विभागों के आवासों में रह रहे हैं। उन्हें निर्धारित किराए का भुगतान करना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अगर सरकारी आवास में रह रहा है तो उसे एचआरए नहीं दिया जा सकता है। प्रशासनिक सचिव ने आहरण व वितरण (ड्राइंग व डिसबर्सिंग)अधिकारियों से रिकवरी की व्यवस्था को सुनिश्चित करने को कहा है। 

सांबा के सहायक भविष्य निधि आयुक्त जम्मू अटैच

वहीं भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे सांबा जिले के सहायक भविष्य निधि आयुक्त जहूर अहमद को जम्मू के मंडलायुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। जहूर पर पीएफ का पैसा निकालने वाले श्रमिकों से रिश्वत लेने का आरोप है। कई कंपनियों ने क्राइम ब्रांच को इसकी शिकायत फरवरी 2020 में दायर करवाई थी।

आरोप है कि विभाग की तरफ से पीएफ पोर्टल बंद करने के बाद भी गैर कानूनी ढंग से पैसा निकाला गया। इसके बाद जांच के लिए अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है। जहूर की जगह कठुआ के पीएफ अधिकारी को सांबा का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि जहूर अहमद पिछले चार-पांच साल से एक ही पद पर तैनात हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed