सरकारी आवास के बावजूद ले लिया एचआरए, अब वेतन से होगी रिकवरी
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जम्मू में सरकारी आवास में रहने के बावजूद मकान किराया भत्ता (एचआरए) लेने वाले कर्मचारियों से रिकवरी की जाएगी। वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों से जांच करने को कहा है। इसके अलावा होटल आवास में कैटरिंग सुविधा लेने वाले कर्मियों से मासिक वेतन बिलों में खानपान के शुल्क में कटौती की जाएगी। सरकार के इस आदेश से कई कर्मचारी इसके घेरे में आ सकते हैं।
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सरकार ने कहा है कि सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को अगर एचआरए का भुगतान किया गया है तो यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों की पहचान करके संबंधित कर्मचारियों के वेतन से किराए की रिकवरी की जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो एस्टेट के अलावा आरएंडबी, पर्यटन, वन विभाग समेत अन्य विभागों के आवासों में रह रहे हैं। उन्हें निर्धारित किराए का भुगतान करना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अगर सरकारी आवास में रह रहा है तो उसे एचआरए नहीं दिया जा सकता है। प्रशासनिक सचिव ने आहरण व वितरण (ड्राइंग व डिसबर्सिंग)अधिकारियों से रिकवरी की व्यवस्था को सुनिश्चित करने को कहा है।
सांबा के सहायक भविष्य निधि आयुक्त जम्मू अटैच
वहीं भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे सांबा जिले के सहायक भविष्य निधि आयुक्त जहूर अहमद को जम्मू के मंडलायुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। जहूर पर पीएफ का पैसा निकालने वाले श्रमिकों से रिश्वत लेने का आरोप है। कई कंपनियों ने क्राइम ब्रांच को इसकी शिकायत फरवरी 2020 में दायर करवाई थी।
आरोप है कि विभाग की तरफ से पीएफ पोर्टल बंद करने के बाद भी गैर कानूनी ढंग से पैसा निकाला गया। इसके बाद जांच के लिए अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है। जहूर की जगह कठुआ के पीएफ अधिकारी को सांबा का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि जहूर अहमद पिछले चार-पांच साल से एक ही पद पर तैनात हैं।