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पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी से जम्मू का होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित : खजूरिया
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- पर्यटकों के जम्मू म ठहराव के लिए लंबित परियोजनाएं पूरी करे सरकार
-जम्मू और इसके आसपास के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ई-बसें शुरू होनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑल जम्मू होटल्स एंड लॉजेज एसोसिएशन के चेयरमैन इंद्रजीत खजूरिया ने कहा कि जम्मू में पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी से होटल व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। जम्मू से कटड़ा तक ट्रेन चलाने के बाद जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए कोई प्रतिष्ठित परियोजना समर्पित नहीं की गई है। जम्मू में पर्यटन से जुड़ी कई इकाईयां कम आय और अधिक खर्चों के कारण बंद हो रही हैं।
यहां वीरवार को एसोसिएशन की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए खजूरिया और अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि अपील के बावजूद सरकार की ओर से कोई व्यावसायिक सहायता नहीं मिलने के कारण पर्यटन हितधारक निराश हैं। सरकार को गहरी नींद से उठकर वित्तीय और नैतिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। सरकारी आंकड़ों में दो करोड़ से अधिक पर्यटक जम्मू कश्मीर में आए, लेकिन यह नहीं बताया गया कि जम्मू में कितने पर्यटक आए। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जम्मू में काफी कम पर्यटक पहुंच रहे हैं। आने वाले वर्षों में श्री अमरनाथ यात्री भी ट्रेन के माध्यम से कश्मीर से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे जम्मू में शॉल, ड्राई फ्रूट्स, ढाबा, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि पर्यटन पर निर्भर व्यवसाय प्रभावित होगा। सरकार को जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए। इसके लिए मेगा पाइपलाइन परियोजनाएं कृत्रिम झील, मुबारक मंडी परिसर, सूर्य पुत्री तवी नदी के तटों का सौंदर्यीकरण आदि परियोजनाएं पूरी की जाएं। इसके अलावा नया जम्मू और रणबीर नहर को विरासत घोषित किया जाए। सरकार को जम्मू और उसके आसपास के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ई-बसें शुरू करनी चाहिए। ये बसें प्रमुख स्थानीय धार्मिक स्थलों तक चलाई जाएं। इस दौरान एमएल शर्मा, अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, एचएस मन्हास आदि मौजूद रहे।
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-जम्मू और इसके आसपास के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ई-बसें शुरू होनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑल जम्मू होटल्स एंड लॉजेज एसोसिएशन के चेयरमैन इंद्रजीत खजूरिया ने कहा कि जम्मू में पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी से होटल व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। जम्मू से कटड़ा तक ट्रेन चलाने के बाद जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए कोई प्रतिष्ठित परियोजना समर्पित नहीं की गई है। जम्मू में पर्यटन से जुड़ी कई इकाईयां कम आय और अधिक खर्चों के कारण बंद हो रही हैं।
यहां वीरवार को एसोसिएशन की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए खजूरिया और अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि अपील के बावजूद सरकार की ओर से कोई व्यावसायिक सहायता नहीं मिलने के कारण पर्यटन हितधारक निराश हैं। सरकार को गहरी नींद से उठकर वित्तीय और नैतिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। सरकारी आंकड़ों में दो करोड़ से अधिक पर्यटक जम्मू कश्मीर में आए, लेकिन यह नहीं बताया गया कि जम्मू में कितने पर्यटक आए। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जम्मू में काफी कम पर्यटक पहुंच रहे हैं। आने वाले वर्षों में श्री अमरनाथ यात्री भी ट्रेन के माध्यम से कश्मीर से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे जम्मू में शॉल, ड्राई फ्रूट्स, ढाबा, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि पर्यटन पर निर्भर व्यवसाय प्रभावित होगा। सरकार को जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए। इसके लिए मेगा पाइपलाइन परियोजनाएं कृत्रिम झील, मुबारक मंडी परिसर, सूर्य पुत्री तवी नदी के तटों का सौंदर्यीकरण आदि परियोजनाएं पूरी की जाएं। इसके अलावा नया जम्मू और रणबीर नहर को विरासत घोषित किया जाए। सरकार को जम्मू और उसके आसपास के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ई-बसें शुरू करनी चाहिए। ये बसें प्रमुख स्थानीय धार्मिक स्थलों तक चलाई जाएं। इस दौरान एमएल शर्मा, अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, एचएस मन्हास आदि मौजूद रहे।
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