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Jammu News: उम्मीद ने जगाई महिलाओं में रोजगार की लौ
Sat, 01 Feb 2025 02:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 01 Feb 2025 02:47 AM IST
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दुकान से छोटे लघु उद्योग तक आजमा रही अपनी किस्मत
इस समय जिले में 3600 ग्रुप, उम्मीद के साथ जुड़ी हैं 3500 महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में उम्मीद योजना से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं आज दुकान से लेकर छोटे लघु उद्योग तक अपनी किस्मत आजमा रहीं हैं। स्वयं के साथ अन्यों को भी रोजगार देने में महिलाएं आगे आ रही हैं।
इस समय जिले में 3600 ग्रुप हैं। इसमें 35 हजार महिलाएं उम्मीद योजना के साथ जुड़ी हैं। यह बैंक से आसान किश्त पर ऋण लेकर कारोबार चला रही हैं। जिले के राजपुरा की महिला अनीता, अंजु, रेखा, आशा के अनुसार वह उम्मीद योजना के माध्यम से महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। प्रत्येक गांव में महिलाओं के ग्रुप बनाकर उन्हें ऋण दिला कर रोजगार दिला रही हैं।
राजपुरा कलस्टर में इस समय एक हजार महिलाएं उनके साथ जुड़ी हुई हैं। अनीता के अनुसार उन्होंने करियाना की दुकान शुरू की थी, जिससे वह अपने परिवार की गुजर बसर कर रही हैं।
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जिले के कथरोली की महिला सपना ने कहा कि उसे शुरू से ही कारोबार का शौक था। उन्होंने इसके लिए जानकारी जुटाना शुरू की। इसके अलावा परिवार ने भी रोजगार शुरू करने में मदद की। इस समय छोटा लघु उद्योग खोला है, जिसे दुर्गा पापड़ कोऑपरेटिव लिमिटेड से पंजीकृत करवाया है। मौजूदा समय में हमारे पास 15 महिलाएं काम कर रही हैं। हम पापड़ के साथ गर्म मसाले तैयार कर रही हैं। पैकिंग के लिए महिलाओं को रोजगार दे रही हूं। सपना ने कहा कि मेरा सपना है कि में 500 महिलाओं को रोजगार दूं। इसके लिए मेरे प्रयास जारी हैं। छोटे से लघु उद्योग को अब बड़ा आकार देने की तैयारी में हूं। उन्होंने कहा कि उम्मीद ने मेरे अंदर नई उम्मीद जगाई है।
कोट
जिले में उम्मीद के साथ जुड़ीं महिलाएं अपने परिवार चला रही हैं। कस्बे के सरकारी डिग्री काॅलेज में कैंटीन भी उम्मीद के साथ जुड़ीं महिलाएं चलाने जा रही हैं।
संदीप, जिला प्रभारी नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन सांबा
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इस समय जिले में 3600 ग्रुप, उम्मीद के साथ जुड़ी हैं 3500 महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में उम्मीद योजना से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं आज दुकान से लेकर छोटे लघु उद्योग तक अपनी किस्मत आजमा रहीं हैं। स्वयं के साथ अन्यों को भी रोजगार देने में महिलाएं आगे आ रही हैं।
इस समय जिले में 3600 ग्रुप हैं। इसमें 35 हजार महिलाएं उम्मीद योजना के साथ जुड़ी हैं। यह बैंक से आसान किश्त पर ऋण लेकर कारोबार चला रही हैं। जिले के राजपुरा की महिला अनीता, अंजु, रेखा, आशा के अनुसार वह उम्मीद योजना के माध्यम से महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। प्रत्येक गांव में महिलाओं के ग्रुप बनाकर उन्हें ऋण दिला कर रोजगार दिला रही हैं।
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राजपुरा कलस्टर में इस समय एक हजार महिलाएं उनके साथ जुड़ी हुई हैं। अनीता के अनुसार उन्होंने करियाना की दुकान शुरू की थी, जिससे वह अपने परिवार की गुजर बसर कर रही हैं।
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जिले के कथरोली की महिला सपना ने कहा कि उसे शुरू से ही कारोबार का शौक था। उन्होंने इसके लिए जानकारी जुटाना शुरू की। इसके अलावा परिवार ने भी रोजगार शुरू करने में मदद की। इस समय छोटा लघु उद्योग खोला है, जिसे दुर्गा पापड़ कोऑपरेटिव लिमिटेड से पंजीकृत करवाया है। मौजूदा समय में हमारे पास 15 महिलाएं काम कर रही हैं। हम पापड़ के साथ गर्म मसाले तैयार कर रही हैं। पैकिंग के लिए महिलाओं को रोजगार दे रही हूं। सपना ने कहा कि मेरा सपना है कि में 500 महिलाओं को रोजगार दूं। इसके लिए मेरे प्रयास जारी हैं। छोटे से लघु उद्योग को अब बड़ा आकार देने की तैयारी में हूं। उन्होंने कहा कि उम्मीद ने मेरे अंदर नई उम्मीद जगाई है।
कोट
जिले में उम्मीद के साथ जुड़ीं महिलाएं अपने परिवार चला रही हैं। कस्बे के सरकारी डिग्री काॅलेज में कैंटीन भी उम्मीद के साथ जुड़ीं महिलाएं चलाने जा रही हैं।
संदीप, जिला प्रभारी नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन सांबा