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Amit Shah in Jammu Kashmir: प्रदेश में चुनावी शंखनाद का गृहमंत्री ने दिया संकेत
Wed, 05 Oct 2022 12:06 PM IST
kumar गुलशन कुमार
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 05 Oct 2022 12:06 PM IST
सार
गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव कराने की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। मतदाता सूची बनने का काम जारी है। परिसीमन के बाद वर्षों तक सत्ता संतुलन को दूर करने की कोशिश की गई है।
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Amit Shah in Rajouri
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजोरी रैली से केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के पहले विधानसभा चुनाव के लिए शंखनाद करने का संकेत दिया। उन्होंने पहाड़ी तथा गुज्जर बक्करवालों की उमड़ी भीड़ से नाम लिए बगैर कई निशाने साधे। विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश को तीन परिवारों ने लूटा है। कांग्रेस भी कम जिम्मेदार नहीं है। अब्दुल्ला, गांधी तथा मुफ्ती परिवारों से प्रदेश को मुक्ति दिलाने का आह्वान करते हुए मोदी के हाथों को मजबूत करने की वकालत की।
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गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव कराने की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। मतदाता सूची बनने का काम जारी है। परिसीमन के बाद वर्षों तक सत्ता संतुलन को दूर करने की कोशिश की गई है। पहाड़ियों को लुभाने की कोशिश की कि आरक्षण का लाभ पहली बार उन्हें इस वजह से मिल पाया है कि इसमें सबसे बड़ी बाधा अनुच्छेद 370 को हटाया जा सका है। अब वे विधायक, सांसद तथा मंत्री भी बन सकते हैं। प्रधानमंत्री बनने तक का सपना दिखाया। अपने 28 मिनट के भाषण में उन्होंने एक-एक कर 370 हटने के तीन सालों में हुए बदलावों को गिनाकर यह बताने की कोशिश की कि मोदी सरकार के नेतृत्व में हर क्षेत्र पर ध्यान दिया जा रहा है।
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सभी असंभव काम अब संभव होने लगे हैं। इसके लिए औद्योगिक निवेश बढ़ने तथा सैलानियों की बाढ़ आने का सहारा लिया। यह सच दिखाने की कोशिश की कि आजादी के 72 सालों में केवल 15 हजार करोड़ का निवेश आया, जबकि 370 हटने के बाद 56 हजार करोड़। यह निवेश और बढ़ने वाला है। यह भी बताया कि पहली बार सैलानियों के रिकॉर्ड संख्या में आने का असर यह होगा कि रोजगार बढ़ने के साथ ही सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव भी आएगा।
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गृह मंत्री ने अपनी रैली में 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में हो रहे विकास का सच दिखाया। राजोरी क्षेत्र के लिए मोदी सरकार की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों, सड़कों का जाल फैलाने तथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना का जिक्र कर यह भरोसा जताने की कोशिश की कि सरकार की प्राथमिकता पीर पंजाल के इलाके हैं, खासकर राजोरी-पुंछ। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद तथा अलगाववाद की मौजूदा समय में जमीनी हकीकत की तस्वीर पेश की। बताया कि अब कश्मीर के युवाओं के हाथ में पत्थर की जगह लैपटॉप है। युवाओं को रोजगार के सपने दिखाए।
एलओसी से सटे इलाके के लोगों को भारतीय सीमा की सुरक्षा का मुस्तैद सिपाही बताकर उनका विश्वास जीतने की कोशिश की। सीमावर्ती क्षेत्रों में पहली बार 20 हजार घरों तक बिजली पहुंचाने का श्रेय बताकर महिलाओं को भी साधने की कोशिश की। शाह ने बारी बारी से सभी वर्गों में विश्वास बहाली की कोशिश की। पहाड़ियों तथा गुज्जरों-बक्करवालों को साथ रहने तथा मजबूत बनने की सलाह देते हुए विपक्षी नेताओं से सतर्क रहने की सीख दी, जो उन्हें आरक्षण के नाम पर लड़ाने की कोशिशों में जुटे हैं।
तीन परिवारों से सचेत रहने की सलाह
शाह ने भ्रष्टाचार पर हमले कर तीन परिवारों के प्रति लोगों को सचेत किया। उन्होंने समझाने की कोशिश कि पहले केंद्र से जो पैसा आता था वह पहले वे अपने परिवार के कल्याण पर खर्च करते थे। इस वजह से नीचे तक इसका लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब पैसा सीधे गांवों तक पहुंच रहा है और उसका परिणाम भी सामने आ रहा है। लोग अब अपने को खुशहाल पा रहे हैं।