एचएमटी मुठभेड़ पर उठे सवालों का पुलिस ने दिया जवाब, परिजनों के साथ ही महबूबा और उमर ने कही थी ये बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर में 29-30 दिसंबर को हुई मुठभेड़ पर उठ रहे सवालों का पुलिस ने जवाब दिया है। पुलिस ने कहा कि श्रीनगर मुठभेड़ सेना के इनपुट के आधार पर हुई थी। जिसे सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के एक संयुक्त टीम ने अंजाम दिया था। घेराबंदी के बाद आतंकवादियों ने अंदर से ग्रेनेड फेंके और तलाशी दल पर गोलीबारी की। हालांकि एसओपी के अनुसार आतंकवादियों को बार-बार आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी। आत्मसमर्पण करने के बजाय, उन्होंने सैनिकों पर गोलीबारी की और परिणाम स्वरूप मारे गए।
पुलिस ने कहा कि मारे गए आतंकियों में से एजाज मकबूल गनई के परिजनों का कहना है कि वह विश्वविद्यालय में फॉर्म भरने के लिए गया था। दूरसंचार विभाग के रिकॉर्ड सहित आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इसे सत्यापित और क्रॉस चेक किया गया। जिसमें दावों के विपरीत, सत्यापित डिजिटल सबूतों से पता चलता है और पुष्टि की गई है कि ऐजाज़ और एथर हैदरपोरा और वहां से घटना स्थल पर गए थे। इसी तरह मारा गया जुबैर पहले पुलवामा फिर अनंतनाग फिर शोपियां से पुलवामा गया था। इसके बाद मुठभेड़ स्थल पर पहुंचा था।
पुलिस ने कहा कि बैकग्राउंड चेक से यह भी पता चलता है कि ऐजाज़ और एथर मुस्ताक, दोनों ओजीडब्ल्यू(आतंकियों के मददगार) ने आतंकवादियों को विभिन्न प्रकार से सहायता प्रदान की। दोनों मौलिक रूप से लश्कर (अब तथाकथित टीआरएफ) के आतंकवादी थे।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने 29-30 दिसंबर को श्रीनगर के एचएमटी इलाके में हुई मुठभेड़ में जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि शवों को परिवारों को वापस करने के साथ ही इस मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इससे पहले महबूबा ने ट्वीट करते हुए कहा कि शोपियां में फेक एनकाउंटर के बाद अब कुछ और लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि उनके बच्चे निर्दोष हैं और उन्हें मारा गया है। इस पर सरकार को अपना स्पष्ट रुख रखना होगा।
उधर, मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के परिजनों का कहना है कि उनके बेटे आतंकी नहीं थे। तीन में से दो मंगलवार को किसी काम से घर से निकले थे। परिवार के अनुसार अथर और जुनैद मंगलवार को घर से यहां एक ट्यूशन सेंटर में 12वीं में दाखिले के लिए आए थे। दोनों छात्र थे जिन्होंने हाल ही में 11वीं की परीक्षा दी थी।
नेशनल कांफ्रेंस ने श्रीनगर मुठभेड़ की जांच की मांग
श्रीनगर मुठभेड़ मामले में नेशनल कांफ्रेंस ने भी जांच की मांग की थी। नेकां ने आतंकियों की हत्या की वजह बने हालात की समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि मामले की जांच करके तुरंत न्याय दिया जाना चाहिए। पार्टी की अतिरिक्त प्रवक्ता सारा शाह ने कहा कि श्रीनगर में एक मुठभेड़ स्थल पर तीन लोगों की हत्या से संबंधित लोगों और परिवार के बयान विरोधाभासी हैं, इसलिए स्थिति को एक तथ्य खोजने वाली टीम के गठन की आवश्यकता है। पुलिस के अनुसार तीनों आतंकवादी थे, जिन्होंने बंदूक की गोली के दौरान आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया था, लेकिन मारे गए परिजनों का बयान एकदम अलग है।