J&K: राजोरी में आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश, 1 आतंकी और 3 OGW गिरफ्तार
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हिजबुल मुजाहिदीन के माड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सुरक्षा बलों ने तंजीम के साथ काम कर रहे तीन ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) और एक पूर्व आतंकी को शनिवार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसे सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कामयाबी मान रही हैं।
एसएसपी राजोरी युगल मनहास ने जिला पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कश्मीर घाटी के शोपियां से हिजबुल मुजाहिदीन तंजीम के साथ हवाला के जरिये रुपये का लेन-देन करने वाले एक गिरोह के बारे में पुलिस को जानकारी मिली थी।
शनिवार को दोपहर बाद राजोरी पुलिस ने सेना की 48 राष्ट्रीय राइफल के साथ मिलकर संयुक्त आपरेशन शुरू किया। पुलिस और सेना को यह पुख्ता जानकारी मिली थी कि चार ओजीडब्ल्यू शहर के कल्लर इलाके में मौजूद हैं।
इसके बाद संयुक्त टीम कल्लर इलाके में पहुंची और कार में बैठ कर कोई योजना बनाते चारों को दबोच लिया। पकड़े गए आतंकियों में शोपियां निवासी एक पूर्व आतंकवादी और शोपियां के दो और राजोरी के एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घाटी के नंबर वाली कार जेके 22-1092 को भी सीज कर लिया है। एसएसपी के अनुसार पकड़े गए पूर्व आतंकी की पहचान एजाज अहमद निवासी बटपोरा शोपियां के रूप में हुई है। वह 2005 में हरकत उल मुजाहिदीन तंजीम के साथ काम कर रहा था और उसी साल आत्मसमर्पण किया था।
पकड़े गए अन्य तीन युवक एचएम आतंकवादी संगठन के ओजीडब्ल्यू हैं। इनमें मोहम्मद आरिफ निवासी कोटली पीर बडवेश्वर राजोरी, सज्जाद अहमद मल्ला निवासी जो मालदेरा शोपियां और खुर्शीद अहमद ठोकर निवासी हेफ कुरी शोपियां हैं। इनमें सज्जाद अहमद मल्ला 2016 में पीएसए के तहत गिरफ्तार होकर जेल में रहा।
सद्दाम पाडर ने हिजबुल के फाइनेंशियल हेड से करवाया था संपर्क
पकड़े गए चारों ओजीडब्ल्यू ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कोटली पीरबडवेश्वर निवासी मोहम्मद आरिफ का इस्तेमाल राजोरी में हवाला धन इकट्ठा करने के लिए किया जाता रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सज्जाद अहमद मल्ला पीओके में स्थित एचएम संगठन के फाइनेंशियल हेड खुर्शीद अहमद के संपर्क में था।
दोनों के बीच कमांडर सद्दाम पाडर ने संपर्क स्थापित कराया था। सद्दाम पाडर को एक हफ्ते पहले घाटी में ढेर कर दिया गया था। सद्दाम की हत्या के बाद जीनत ने हिजबुल की कमांड संभाली और उसी के आदेश पर शोपियां के तीन ओजीडब्ल्यू को हवाला धन के संग्रह के लिए राजोरी भेजा गया था।
राजोरी से धन एकत्र कर भेजते थे कश्मीर
एसएसपी ने बताया कि मोहम्मद आरिफ राजोरी में आतंकवादी संगठनों के लिए हवाला धन इकट्ठा करने के लिए काम करता है और उस धन को कश्मीर भेजा जाता था। पकड़े चारों ओजीडब्ल्यू से पुलिस गहन पूछताछ कर राजोरी में उनके अन्य साथियों के बारे में पता लगाने में जुटी है।
पुलिस पता लगा रही है कि आरिफ के पास हवाला रुपये कहां से आते थे और कौन-कौन से लोग नेटवर्क में थे। एसएसपी ने बताया कि कोटली पीर बडवेश्वर इलाका एलओसी के बहुत पास है और एलओसी के उस पार से रुपये आने की संभावना से पूरी तरह से इंकार नहीं किया जा सकता है।