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Jammu News: पंपों में 3 हजार लीटर ही बचा था तेल, फल-सब्जियों की आवक 50 फीसदी तक कम हुई
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में ट्रक और टैंकर चालकों की हड़ताल का असर रहा। दो दिन से थमे मालवाहकों के पहिए के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मंडियों से लेकर परिवहन पूरी तरह से प्रभावित रहा। हिट एंड रन कानून में मुआवजा और मौत की सजा में बढ़ोतरी के खिलाफ यूनियनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ माेर्चा खोला। फलों, सब्जियों सहित अन्य खाद्य पदार्थों की आधी आपूर्ति होने से नरवाल मंडी में विक्रेता, दुकानदार सहित आम लोग दिक्कत झेलने के लिए मजबूर हो गए। प्याज की कीमत 5 रुपये बढ़ गई। ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए। हालात इस कदर तक खराब हो गए कि शनिवार से तेल की आपूर्ति नहीं होने के कारण 40 पेट्रोल पंपों में से करीब 34 पर नो फ्यूल के बोर्ड लग गए।
प्रतिदिन औसतन 4.80 लाख लीटर तेल की आपूर्ति होती है और एक पंप की क्षमता 12 हजार लीटर है। एक दिन में पांच से छह हजार लीटर खपत हो रही है। ऐसे में उन पंपों में दो से तीन हजार लीटर तेल बचा रहा जिनका भंडारण अधिक था। एलपीसी की समस्या भी अलग से बढ़ सकती थी, क्योंकि प्रतिदिन आठ गाड़ियों में औसतन 800 सिलिंडरों आते हैं। दो दिन से आपूर्ति बाधित होने से एजेंसियां स्टॉक से ही काम चल रही थीं।
दूसरी ओर, निजी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू, सांबा, कठुआ, आरएस पुरा, डोडा, किश्तवाड़ सहित अन्य रूट पर आई। लंबे इंतजार के बाद सरकारी बसें मिल पाईं। सुबह करीब 650 में से 30 निजी बसें ही रवाना हुईं जो दोपहर बाद बस अड्डों में खड़ी कर दी गईं। रात को सरकार और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बीच सुलह हो गई। इसके बाद यूनियनों ने हड़ताल को खत्म कर दिया। अब बुधवार से निजी बसें, टैंकर सहित ट्रक गंतव्य के लिए रवाना होंगे। परिवहन सुविधा मिलने से लोगों को मंजिल की ओर जाने में कठिनाई से निजात मिलेगी।
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इधर बैठक से पहले... फैसला वापस कराने के लिए प्रदर्शन और नारेबाजी
जम्मू। ट्रक व टैंकर चालकों में दूसरे दिन भी आक्रोश रहा। वेयरहाउस और नरवाल में प्रदर्शन कर कामकाज ठप रखा गया। वेयरहाउस से बिक्रम चौक तक रैली निकाली गई। सरकार से बैठक से कुछ समय पहले प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। नरवाल में आयल एंड एलपीजी ट्रक ड्राइवर यूनियन ने नारेबाजी की। अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि फैसला मंजूर नहीं है। ब्यूरो
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जम्मू। शहर में ट्रक और टैंकर चालकों की हड़ताल का असर रहा। दो दिन से थमे मालवाहकों के पहिए के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मंडियों से लेकर परिवहन पूरी तरह से प्रभावित रहा। हिट एंड रन कानून में मुआवजा और मौत की सजा में बढ़ोतरी के खिलाफ यूनियनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ माेर्चा खोला। फलों, सब्जियों सहित अन्य खाद्य पदार्थों की आधी आपूर्ति होने से नरवाल मंडी में विक्रेता, दुकानदार सहित आम लोग दिक्कत झेलने के लिए मजबूर हो गए। प्याज की कीमत 5 रुपये बढ़ गई। ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए। हालात इस कदर तक खराब हो गए कि शनिवार से तेल की आपूर्ति नहीं होने के कारण 40 पेट्रोल पंपों में से करीब 34 पर नो फ्यूल के बोर्ड लग गए।
प्रतिदिन औसतन 4.80 लाख लीटर तेल की आपूर्ति होती है और एक पंप की क्षमता 12 हजार लीटर है। एक दिन में पांच से छह हजार लीटर खपत हो रही है। ऐसे में उन पंपों में दो से तीन हजार लीटर तेल बचा रहा जिनका भंडारण अधिक था। एलपीसी की समस्या भी अलग से बढ़ सकती थी, क्योंकि प्रतिदिन आठ गाड़ियों में औसतन 800 सिलिंडरों आते हैं। दो दिन से आपूर्ति बाधित होने से एजेंसियां स्टॉक से ही काम चल रही थीं।
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दूसरी ओर, निजी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू, सांबा, कठुआ, आरएस पुरा, डोडा, किश्तवाड़ सहित अन्य रूट पर आई। लंबे इंतजार के बाद सरकारी बसें मिल पाईं। सुबह करीब 650 में से 30 निजी बसें ही रवाना हुईं जो दोपहर बाद बस अड्डों में खड़ी कर दी गईं। रात को सरकार और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बीच सुलह हो गई। इसके बाद यूनियनों ने हड़ताल को खत्म कर दिया। अब बुधवार से निजी बसें, टैंकर सहित ट्रक गंतव्य के लिए रवाना होंगे। परिवहन सुविधा मिलने से लोगों को मंजिल की ओर जाने में कठिनाई से निजात मिलेगी।
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इधर बैठक से पहले... फैसला वापस कराने के लिए प्रदर्शन और नारेबाजी
जम्मू। ट्रक व टैंकर चालकों में दूसरे दिन भी आक्रोश रहा। वेयरहाउस और नरवाल में प्रदर्शन कर कामकाज ठप रखा गया। वेयरहाउस से बिक्रम चौक तक रैली निकाली गई। सरकार से बैठक से कुछ समय पहले प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। नरवाल में आयल एंड एलपीजी ट्रक ड्राइवर यूनियन ने नारेबाजी की। अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि फैसला मंजूर नहीं है। ब्यूरो