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Jammu News: आईसीएआई भवन में हिंदी सप्ताह के उपलक्ष्य में गोष्ठी करवाई

Tue, 19 Sep 2023 01:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Tue, 19 Sep 2023 01:11 AM IST
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काव्य गोष्ठी में कविता पाठ करती कवित्री
जम्मू। हिंदी साहित्य मंडल जम्मू और विराज कला केंद्र जम्मू के सहयोग से कैनाल रोड स्थित आईसीएआई भवन में सोमवार को हिंदी कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर लेखक व पूर्व आयकर आयुक्त सतीश कुमार शर्मा मुख्य अतिथि थे। मंच पर एचएसएम-जे की अध्यक्ष प्रो (डॉ.) चंचल डोगरा और वीकेके के अध्यक्ष राज भारती उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कवि, बुद्धिजीवी और काव्य एवं हिंदी प्रेमी उपस्थित थे।
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डॉ. चंचल डोगरा ने हिंदी साहित्य मंडल जम्मू की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंडल अपनी आवधिक पत्रिका के प्रकाशन और अन्य वृत्तचित्र कार्यों सहित साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। इस दौरान एक काव्य पाठ सत्र आयोजित किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के युवा, वरिष्ठ और अनुभवी कवियों ने राष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी और समकालीन दुनिया के साथ-साथ प्रकृति से संबंधित अन्य मुद्दों पर आधारित अपनी कविता पाठ प्रस्तुत किया।
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काव्य पाठ करने वाले कवियों में शमेंद्र कुमार, संजीव भसीन, महाराज कृष्ण संतोषी, शेख मोहम्मद कल्याण, उमा शर्मा, मंटो दत्ता शर्मा, राकेश अबरोल, डॉ. चंचल डोगरा, जंग एस वर्मन, डॉ. पवन खजूरिया, सोफिया जंगराल, डिंपाल वर्मा, अमिता मेहता, शुवम मनकोटिया, पवन वर्मा, राजीव शर्मा, अवनीश शर्मा, राजेंद्र कुमार नारंग, किरण कंचन, संतोष सांगरा, सविता शर्मा, श्याम बिहारी जड़ेजा और अन्य शामिल थे।
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अपने भाषण में डॉ. राज कुमार ने कहा कि बदलते समय के साथ वर्तमान समय की कविता में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कवियों को कविता में समसामयिक घटनाओं और नवीनतम रुझानों के साथ-साथ जीवन शैली को भी ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की जरूरत है। वर्तमान समय की कविता आश्चर्य का प्रतिबिंब है। उन्होंने नए लेखकों को सलाह दी कि वे अपनी रचनाओं में अत्यधिक प्रयोग से बचें और कवि की भावनाओं, विचारों और विचारों की मौलिकता को बनाए रखें।

सतीश कुमार शर्मा ने रचनात्मक क्षेत्रों में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने किताबें और पत्रिकाएं आदि पढ़ने की अच्छी आदत विकसित करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की कार्रवाई का संचालन एचएसएम-जे की साहित्यिक सचिव उमा शर्मा ने किया। राज भारती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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