जम्मू-कश्मीर: निचली अदालतों के ज्यूडिशियल स्टाफ का तीन साल कार्यकाल, हाईकोर्ट ने जारी की तबादला नीति
तबादला नीति के तहत शारीरिक रूप से दिव्यांग, बीमार या अशक्त स्टाफ सदस्यों, शिशु स्तनपान कराने की अवस्था वाली महिलाओं को सुविधाजनक पोस्टिंग दी जाएगी। यह पदों की उपलब्धता और संस्था की सामान्य सुविधा के अनुसार किया जाएगा।
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अधीनस्थ (निचली) अदालतों के ज्यूडिशियल स्टाफ की तबादला नीति जारी हो गई है। सामान्य स्टेशन पर कार्यकाल की अवधि तीन साल व कठिन स्टेशन पर एक साल होगी। तबादले साल के अप्रैल और मई महीने में ही किए जाएंगे। चीफ जस्टिस के प्रधान सचिव ने सोमवार को अधीनस्थ अदालतों के स्टाफ की तबादला नीति जारी की है।
आदेश के अनुसार, सचिवालय द्वारा सभी स्टाफ सदस्यों के सेवा रिकॉर्ड का एक पूरा डाटा-बेस रखा जाएगा, जिसमें उनकी पोस्टिंग का विवरण भी शामिल है, जिसे वास्तविक समय के आधार पर अपडेट किया जाएगा। तबादलों को प्रभावी बनाते समय संबंधित स्टाफ सदस्य की योग्यता और उपयुक्तता और न्यायिक संस्थान के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि कार्यप्रणाली प्रभावित न हो।
स्टाफ सदस्य के परिवार में किसी भी शारीरिक रूप से दिव्यांग, बीमार या दुर्बल आश्रित की उपस्थिति पर भी उचित रूप से विचार किया जाएगा। दंपती को भी एक ही स्टेशन पर तैनाती दी जाएगी। किसी भी सरकारी विभाग में सेवारत पति या पत्नी उपयुक्त स्टेशन की पोस्टिंग के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
विशेष पोस्टिंग के लिए छह माह से पहले आवेदन नहीं
विशेष पोस्टिंग के लिए कम से कम छह महीने का इंतजार करना होगा। छह महीने से पहले किसी भी तरह से पोस्टिंग में बदलाव नहीं होगा। इसी तरह से तीन साल का कार्यकाल पूरे होने से छह माह पहले भी आवेदन नहीं किया जा सकेगा। बिना किसी आधार के बार-बार तबादला आवेदन करने वाले कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एक स्टेशन पर दोबारा तैनाती के लिए किसी दूसरे स्टेशन पर दो कार्यकाल या न्यूनतम पांच वर्ष का सेवाकाल अनिवार्य होगा।