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हाईकोर्ट ने जम्मू कश्मीर सरकार से पूछा 'क्या है डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान'

Sat, 15 Apr 2017 02:21 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 15 Apr 2017 02:21 PM IST
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high court asks for giving disaster management plan
जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट में सुनवाई - फोटो : डेमो फोटो

भूकंप की स्थिति में सरकार की तैयारी जांचने और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित क्षेत्रों से जुड़े सदस्यों की एक कमेटी बनाने के लिए निर्देश दिए जाने से जुड़ी एक पीआईएल पर शुक्रवार को स्टेट हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।

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बेंच ने माना कि जम्मू-कश्मीर के सीस्मिक जोन-4, 5 में पड़ने की वजह से कोई बड़ा भूकंप कभी भी दस्तक दे सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि सरकार इससे निपटने के लिए तैयार हो। बेंच ने सरकार से पूछा कि क्या उसके पास भूकंप से निपटने के लिए कोई डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान है? हाईकोर्ट ने कहा कि अगर प्लान है तो उसकी विस्तृत जानकारी दें। कहा कि क्या कोई एक्शन प्लान है, जिससे रीजन में बन रहीं इमारतें सीस्मिक जोन 4 और 5 के लिए बने नेशनल बिल्डिंग कोड के मुताबिक निर्माण के लिए बाध्य हों। 
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बेंच ने यूनियन ऑफ इंडिया को भी नेशनल बिल्डिंग कोड की कापी विशेष रूप से सीस्मिक जोन 4 और 5 के लिए मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया। बेंच में चीफ जस्टिस बदर दुरेज अहमद और जस्टिस आलोक आराधे शामिल थे। पीआईएल किरपाल चंद की तरफ से फाइल की गई थी। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट मुनीश शर्मा, रियासत की ओर से एडवोकेट जनरल जहांगीर इकबाल गनी, जबकि यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से एएसजीआई सिंधु शर्मा मौजूद रहे। 

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