जम्मू-कश्मीरः चोटी कटने के विरोध में सड़क पर उतरे हाई कोर्ट के वकील
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घाटी में लगातार बढ़ रही चोटी काटने की घटनाओं के खिलाफ बुधवार को वकील सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन रैली निकाली। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोशिएशन के बैनर तले वकील, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी, ने श्रीनगर हाईकोर्ट से लाल चौक तक रैली निकाली गई। उन्होंने इसे स्टेट टेरेरिज्म ठहराया।
लाल चौक के घंटाघर के पास संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां कयूम ने कहा कि यह जो घटनाएं घट रही हैं, काफी चिंता का विषय है। इसके लिए हम सबको एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। आज हम वकीलों ने आवाज उठाई है।
एक महिला वकील ने कहा कि हमें लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे खौफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती खुद एक महिला हैं और अभी तक उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया है। ऐसा लगता है कि वह बाकी के कामों में व्यस्त हैं।
चोटी काटने के मामलों का विरोध, श्रीनगर में लाठीचार्ज
घाटी में चोटी कटने के मामलों के विरोध में बुधवार को यूथ नेशनल कान्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग करके लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रांतीय प्रधान सलमान अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी हेडक्वार्टर नावा-ए-सुबह श्रीनगर से रोष रैली निकालकर सिटी सेंटर लाल चौक श्रीनगर की ओर जाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने पोलो श्रीनगर के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
सलमान के साथ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कोठी बाग पुलिस स्टेशन लाया गया। सलमान ने कहा कि पिछले दो हफ्ते में करीब चालीस मामले चोटी कटने के हो गए हैं।
लेकिन सरकार खामोश होकर तमाशबीन बनी हुई है। प्रांतीय प्रवक्ता इमरान नबी डार ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की। रैली में मुश्ताक गुरू, अहसान परदेसी, जहांगीर वानी, मुद्दसर शाहमीरी आदि शामिल रहे।