जम्मू कश्मीर में आफत की बारिश, सेना ने 73 नागरिकों को बचाया
- जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को रामसू के पास पहाड़ों से पत्थर गिरने पर शाम साढ़े पांच बजे से बंद कर दिया गया।
- कुपवाड़ा में सेना ने तंगधार-नस्था छुन मार्ग पर हिमस्खलन आने के बाद फंसे 73 नागरिकों को सुरक्षित निकाला।
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रियासत में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी आफत लेकर आई है। शनिवार दूसरे दिन भी अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई। पर्यटक स्थल गुलमर्ग में एक फुट बर्फ गिरी। नत्थाटाप, पीर पंजाल, अमरनाथ गुफा और घाटी के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को रामसू के पास पहाड़ों से पत्थर गिरने पर शाम साढ़े पांच बजे से बंद कर दिया गया। हाईवे को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक के लिए खोला गया है। हालांकि, खराब मौसम के बीच हवाई सेवा बहाल रही।
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में सेना ने तंगधार-नस्था छुन मार्ग पर हिमस्खलन आने के बाद फंसे 73 नागरिकों को सुरक्षित निकाला। एक एंबुलेंस भी एक हार्ट पेशेंट के साथ फंसी थी।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार भारी बारिश और खराब मौसम और हिमस्खलन के कारण नस्था-छुन पास पर कई जगह सड़कें बंद हो गईं थीं। कई अन्य वाहन भी फंसे थे। सूचना मिलते ही सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम (एआरटी) ने बचाव अभियान चलाकर कर सभी को सुरक्षित निकाल लिया।
वैष्णो देवी ट्रैक पर भूस्खलन, तीन गेट बंद किए गए
इस बीच, न्यूनतम तापमान माइनस 5.4 डिग्री सेल्सियस के साथ लेह सबसे सर्द रहा। कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा शनिवार सुबह कुछ देर तक चली। पर बाद में इस बंद कर दिया गया। वैष्णो देवी भवन स्थित पुलिस स्टेशन के पास ट्रैक पर भूस्खलन से गेट नंबर 3,4 और 5 को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
वाशिंग घाट और गेट नंबर दो से यात्रियों को दर्शन करवाए जा रहे हैं। राज्य के अधिकतर हिस्सों में देर शाम तक बारिश जारी थी। कुछ इलाकों में अगले 48 घंटों तक बारिश हो सकती है। हालांकि, अधिकतर इलाकों में रविवार से मौसम में सुधार आएगा।
मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। जिला कठुआ के उज्ज दरिया में आई बाढ़ में फंसे बारातियों को कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला जा सका। भारी बारिश से रामबन, किश्तवाड़ और उधमपुर में स्कूलों को बंद रखा गया।
चिनाब और तवी का जलस्तर बढ़ा
दो दिनों से हो रही बारिश से चिनाब और तवी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कठुआ जिले के महानपुर, बिलावर, बसोहली आदि इलाकों में दूसरे दिन भी बारिश जारी रही। दूरदराज के इलाकों में नालों पर पुलों के अभाव में जलस्तर बढ़ जाने पर बच्चों को परीक्षा जाने के लिए काफी मुश्किलें पेश आईं।
राजोरी और पुंछ जिले के अधिकतर हिस्सों में बारिश जारी रही। नौशेरा, सुंदरबनी, मेंढर आदि इलाकों में मूसलाधार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला राजोरी के बुद्धल, कोटरंका, दरहाल, थन्नामंडी आदि पर्वतीय इलाकों के साथ मुगल रोड पर कई स्थानों पर बर्फबारी हुई। जिला उधमपुर के जुगधार, स्योजधार की चोटियों पर दूसरे दिन भी बर्फबारी हुई।
पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के स्नो एंड एवलांच स्टडी इस्टेब्लिशमेंट (एसएएसई) ने अगले चौबीस घंटों में कश्मीर और जम्मू संभाग के कई पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन की मध्यम श्रेणी की चेतावनी जारी की है। इसमें बारामुला, कुपवाड़ा, बांडीपोरा, कारगिल, शोपियां, अनंतनाग, कुलगाम, राजोरी, डोडा और पुंछ जिले शामिल हैं। पिछले चौबीस घंटों में राज्य के फरकियां, जी-गली, कंजलवान, बनिहाल टाप, गुलमर्ग, हेडन ताज, नीलम और द्रास में क्रमश 53, 39, 9, 12, 25, 70, 43 और 7 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।