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जम्मू: किराये के भवनों में चल रहे सब सेंटर में नहीं मिल पा उचित उपचार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। ब्लॉक में किराये के कमरों में चलने वाले सब सेंटरों के लिए सरकारी भवन बनाने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पंचयात देओन, पुरमंडल, कटवालता में स्वास्थ्य विभाग ने सालों पहले सब सेंटर खोले हैं। यहां से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी उचित सुविधा नहीं मिल रही है। किराये के भवन में एक कमरे में चलने वाले सेंटर की वजह से लोगों को कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। मंडल का स्वास्थ्य सब सेंटर 40 साल से किराए के भवन में चल रहा है।
इन सब सेंटरों को अपग्रेड करके चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए। इन डिस्पेंसरियों में काम करने वाले कर्मियों की संख्या में भी वृद्धि की जाए। मंडल में एक कमरे में चल रहे सब सेंटर में मरीजों के लिए पानी की, शौचालय की सुविधा नहीं है। अगर किसी को प्राथमिक उपचार के लिए लाया भी जाए तो बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मकान मालिकों का कहना है कि उनको भी सालों से किराया नहीं दिया गया है। इसके बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा गया है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। सब सेंटर में अत्याधुनिक उपकरणों के अतिरिक्त तीन से चार लोगों की ड्यूटी होनी चाहिए, लेकिन एक डॉक्टर सहित अन्य 2 सहायक सदस्य होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उनको समझ नहीं आ रही है। एक कमरे में चल रहे सब सेंटर में तीन स्वास्थ्य कर्मचारी, सामान और लोगों के लिए यह कैसे सुविधा जनक हो सकता है।
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समाजसेवी कुलदीप सिंह ने कहा कि 40 साल से किराये के मकान में चलने वाली कटवालता पंचायत के मंडल गांव में खुली डिस्पेंसरी को आज तक सरकारी भवन नसीब नहीं हो पाया है, इसके कारण आज तक यह सब सेंटर आज गांव में सातवें स्थान पर है।
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पंच गोपाल शर्मा ने कहा कि का सरकार के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन किराये के कमरों में चलने वाली इस डिस्पेंसरी का लोगों को पूरा फायदा नहीं मिल रहा है।
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सरपंच जोगिंदर शर्मा ने कहा कि यहां स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई मीटिंग होती है, हम अधिकारियों के समक्ष यह बात रखते हैं, कि एक कमरे में इस सेंटर को चलाना कैसे संभव है।
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इस विषय में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर देवराज शर्मा ने बताया कि हमें सरकार की तरफ से 600 रुपये किराया मिलता है। पिछले कुछ महीनों से तकनीकी कारणों से नहीं दिया जा सका है। अब इस विषय पर उच्च अधिकारी विचार विमर्श कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत अब किराये में वृद्धि और सरकारी भवन बनाने पर चर्चा चल रही है। जल्दी ही कोई नई जानकारी आने की उम्मीद है।
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पुरमंडल। ब्लॉक में किराये के कमरों में चलने वाले सब सेंटरों के लिए सरकारी भवन बनाने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पंचयात देओन, पुरमंडल, कटवालता में स्वास्थ्य विभाग ने सालों पहले सब सेंटर खोले हैं। यहां से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी उचित सुविधा नहीं मिल रही है। किराये के भवन में एक कमरे में चलने वाले सेंटर की वजह से लोगों को कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। मंडल का स्वास्थ्य सब सेंटर 40 साल से किराए के भवन में चल रहा है।
इन सब सेंटरों को अपग्रेड करके चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए। इन डिस्पेंसरियों में काम करने वाले कर्मियों की संख्या में भी वृद्धि की जाए। मंडल में एक कमरे में चल रहे सब सेंटर में मरीजों के लिए पानी की, शौचालय की सुविधा नहीं है। अगर किसी को प्राथमिक उपचार के लिए लाया भी जाए तो बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मकान मालिकों का कहना है कि उनको भी सालों से किराया नहीं दिया गया है। इसके बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा गया है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। सब सेंटर में अत्याधुनिक उपकरणों के अतिरिक्त तीन से चार लोगों की ड्यूटी होनी चाहिए, लेकिन एक डॉक्टर सहित अन्य 2 सहायक सदस्य होते हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उनको समझ नहीं आ रही है। एक कमरे में चल रहे सब सेंटर में तीन स्वास्थ्य कर्मचारी, सामान और लोगों के लिए यह कैसे सुविधा जनक हो सकता है।
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समाजसेवी कुलदीप सिंह ने कहा कि 40 साल से किराये के मकान में चलने वाली कटवालता पंचायत के मंडल गांव में खुली डिस्पेंसरी को आज तक सरकारी भवन नसीब नहीं हो पाया है, इसके कारण आज तक यह सब सेंटर आज गांव में सातवें स्थान पर है।
पंच गोपाल शर्मा ने कहा कि का सरकार के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन किराये के कमरों में चलने वाली इस डिस्पेंसरी का लोगों को पूरा फायदा नहीं मिल रहा है।
सरपंच जोगिंदर शर्मा ने कहा कि यहां स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई मीटिंग होती है, हम अधिकारियों के समक्ष यह बात रखते हैं, कि एक कमरे में इस सेंटर को चलाना कैसे संभव है।
इस विषय में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर देवराज शर्मा ने बताया कि हमें सरकार की तरफ से 600 रुपये किराया मिलता है। पिछले कुछ महीनों से तकनीकी कारणों से नहीं दिया जा सका है। अब इस विषय पर उच्च अधिकारी विचार विमर्श कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत अब किराये में वृद्धि और सरकारी भवन बनाने पर चर्चा चल रही है। जल्दी ही कोई नई जानकारी आने की उम्मीद है।