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उपजिला अस्पताल में दो नियम को लेकर खवर प्रकाशित होने पर डा से की पुछताश
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आरएस पुरा। कस्बे के उपजिला अस्पताल में दो नियम होने पर नगर पालिका के प्रधान सतपाल पप्पी सहित अन्य पार्षदों ने ब्लॉक मेडिकल अधिकारी से पूछताछ की। इसके साथ ही छुट्टी पर होने पर गायनोलॉजिस्ट डॉ. उषा भाऊ से जानकारी प्राप्त करने के साथ लताड़ लगाई।
सतपाल पप्पी ने कहा कि यहां उपचार कराने के लिए पहुंचने वाले रोगियों को प्रताड़ित करने का कोई अधिकार नहीं। अधिकतर महिलाएं गर्भवती होने पर परेशान होने पर उन्हें बाहर कई घंटों तक बिठाना ठीक नहीं। डॉ. उषा भाऊ खुद एक महिला हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अस्पताल में दो नियम नहीं होने चाहिए और लोगों की सेवा की भावना से कार्य करना चाहिए। वहां मौजूद रोगियों के पहुंचने पर कहा कि अल्ट्रासाउंड उपजिला अस्पताल में मंगलवार व वीरवार को डॉक्टर की सेवा मिलती है। हालत यह है कि उक्त डॉक्टर 12 बजे अस्पताल में पहुंचता है और यहां रोगियों को कई घंटों इंतजार करना पड़ता है।
गायनोलॉजिस्ट डॉ. उषा भाऊ ने नगर पालिका अध्यक्ष से कहा कि उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजा जाए वह यहां पर काफी परेशान हैं। प्रधान ने कहा कि इस तरह कहने के बजाय लचीला रुख अपनाएं। यहां पहुंचने वाले रोगियों की सेवा करनी चाहिए, ताकि लोगों में अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें कार्य करने के लिए वेतन दिया जाता है, और ड्यूटी के दौरान कमरा बंद कर चाय पीना नहीं। उन्होंने अस्पताल में अधिकतर डॉक्टर बिना अप्रेन के होते हैं और इस मामले को लेकर नगर पालिका की ओर से रेजूलेशन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
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सतपाल पप्पी ने कहा कि यहां उपचार कराने के लिए पहुंचने वाले रोगियों को प्रताड़ित करने का कोई अधिकार नहीं। अधिकतर महिलाएं गर्भवती होने पर परेशान होने पर उन्हें बाहर कई घंटों तक बिठाना ठीक नहीं। डॉ. उषा भाऊ खुद एक महिला हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अस्पताल में दो नियम नहीं होने चाहिए और लोगों की सेवा की भावना से कार्य करना चाहिए। वहां मौजूद रोगियों के पहुंचने पर कहा कि अल्ट्रासाउंड उपजिला अस्पताल में मंगलवार व वीरवार को डॉक्टर की सेवा मिलती है। हालत यह है कि उक्त डॉक्टर 12 बजे अस्पताल में पहुंचता है और यहां रोगियों को कई घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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गायनोलॉजिस्ट डॉ. उषा भाऊ ने नगर पालिका अध्यक्ष से कहा कि उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजा जाए वह यहां पर काफी परेशान हैं। प्रधान ने कहा कि इस तरह कहने के बजाय लचीला रुख अपनाएं। यहां पहुंचने वाले रोगियों की सेवा करनी चाहिए, ताकि लोगों में अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें कार्य करने के लिए वेतन दिया जाता है, और ड्यूटी के दौरान कमरा बंद कर चाय पीना नहीं। उन्होंने अस्पताल में अधिकतर डॉक्टर बिना अप्रेन के होते हैं और इस मामले को लेकर नगर पालिका की ओर से रेजूलेशन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
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