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Jammu News: जम्मू कश्मीर में आधी ही हुई एनसीडी स्क्रीनिंग
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40 दिन में 30 से अधिक उम्र वाले करीब बीस लाख लोगों को कवर करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की लक्षित आबादी की अब तक आधी ही स्क्रीनिंग हो पाई है। इसमें 30 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में प्रमुख रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मुंह, स्तन व सर्विकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर आदि की पहचान करना है। प्रदेश में ऐसे करीब 40 लाख की आबादी है, जिसमें अब देश व्यापी स्तर पर शुरू किए गए 40 दिन के एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान में करीब 20 लाख लोगों को कवर करने का लक्ष्य है।
एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 50 प्रतिशत ही लक्षित आबादी की स्क्रीनिंग हुई है। इस अभियान को पहले गति दी गई, लेकिन उसके बाद इसमें सुस्ती आ गई। जम्मू संभाग की बात करें तो यहां 30 से अधिक उम्र वाले 1979799 लोगों की पहचान की गई थी, जिसमें आधे ही स्क्रीन किए गए हैं। यही स्थिति कश्मीर संभाग में भी रही है। अब केंद्र के अभियान में आशा वर्करों, एएनएम और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्करों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके लिए दैनिक आधार पर एक कार्ययोजना बनाई गई है। इन कर्मियों की ओर से छुटी हुई आबादी को कवर करने के लिए एनसीडी शिविर, गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों और चिकित्सा केंद्रों पर पहुंचने वाले निर्धारित आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा कई लोगों को मोबाइल पर सूचित करके स्क्रीनिंग के लिए बुलाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 31 मार्च तक एनसीडी स्क्रीनिंग का देशव्यापी अभियान चलाया गया है।
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ज्यादा आरामदायक जिंदगी दे रही बीमारियां
जीवनशैली में बदलाव और शारीरिक गतिविधियों को कम करके अधिक आरामदायक जीवन के चक्कर में लोग तेजी से गैर संचारी रोगों का शिकार हो रहे हैं। इनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), फैटी लीवर, कैंसर, हृदय रोग आदि का दायरा बढ़ रहा है। जीएमसी जम्मू में ही हर साल औसतन दो हजार कैंसर के नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं, जबकि प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में भी सैकड़ों नए मामले मिल रहे हैं। जीएमसी जम्मू में वर्ष 2022 में 1759, 2023 में 2079 कैंसर के मामले रिपोर्ट हुए। इसी तरह जीएमसी जम्मू में रोजाना 5 से 10 हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं। कार्डियोवैस्कुलर (हृदय रोग) के मरीजों में तेजी से वृद्धि हो रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डा. सुशील शर्मा का कहना है कि जीवनशैली को संतुलित बनाकर हृदय रोगों से बचा जा सकता है।
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-- -- -शुरुआती लक्षणों पर जल्द करवाएं कैंसर की स्क्रीनिंग-प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल व कैंसर विशेषज्ञ डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पकड़ने पर पीड़ित को बेहतर इलाज देने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए लक्षण दिखने पर जल्द स्क्रीनिंग करवानी चाहिए।
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मधुमेह के लक्षण
थकावट की शिकायत रहना, बार बार पेशाब आना, मुंह का सूखना, बार बार प्यास लगना, नियमित खाना खाने पर भी सेहत न बनना, वजन लगातार गिरना और घाव जल्द न भरना।
-- उच्च रक्तचाप के लक्षण
चलते या बैठते समय अचानक चक्कर आना, अचानक आंखों के सामने अंधेरा छाना, सिर पर भारी पन का अहसास होना, सीने में हल्का भारीपन रहना, उल्टी का मन होना
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उचित कार्ययोजना के तहत लक्ष्य को पूरा करेंगे-निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. राकेश मगोत्रा का कहना है कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि एनसीडी की लक्षित आबादी को मार्च के अंत तक स्क्रीन कर लें। इसके लिए उचित कार्य योजना बनाई गई है। लोगों को भी खुद आगे आकर अपने शरीर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए, ताकि शुरुआत में ही बीमारी को पकड़कर उनका बेहतर इलाज किया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की लक्षित आबादी की अब तक आधी ही स्क्रीनिंग हो पाई है। इसमें 30 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में प्रमुख रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मुंह, स्तन व सर्विकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर आदि की पहचान करना है। प्रदेश में ऐसे करीब 40 लाख की आबादी है, जिसमें अब देश व्यापी स्तर पर शुरू किए गए 40 दिन के एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान में करीब 20 लाख लोगों को कवर करने का लक्ष्य है।
एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 50 प्रतिशत ही लक्षित आबादी की स्क्रीनिंग हुई है। इस अभियान को पहले गति दी गई, लेकिन उसके बाद इसमें सुस्ती आ गई। जम्मू संभाग की बात करें तो यहां 30 से अधिक उम्र वाले 1979799 लोगों की पहचान की गई थी, जिसमें आधे ही स्क्रीन किए गए हैं। यही स्थिति कश्मीर संभाग में भी रही है। अब केंद्र के अभियान में आशा वर्करों, एएनएम और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्करों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके लिए दैनिक आधार पर एक कार्ययोजना बनाई गई है। इन कर्मियों की ओर से छुटी हुई आबादी को कवर करने के लिए एनसीडी शिविर, गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों और चिकित्सा केंद्रों पर पहुंचने वाले निर्धारित आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा कई लोगों को मोबाइल पर सूचित करके स्क्रीनिंग के लिए बुलाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 31 मार्च तक एनसीडी स्क्रीनिंग का देशव्यापी अभियान चलाया गया है।
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जीवनशैली में बदलाव और शारीरिक गतिविधियों को कम करके अधिक आरामदायक जीवन के चक्कर में लोग तेजी से गैर संचारी रोगों का शिकार हो रहे हैं। इनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), फैटी लीवर, कैंसर, हृदय रोग आदि का दायरा बढ़ रहा है। जीएमसी जम्मू में ही हर साल औसतन दो हजार कैंसर के नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं, जबकि प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में भी सैकड़ों नए मामले मिल रहे हैं। जीएमसी जम्मू में वर्ष 2022 में 1759, 2023 में 2079 कैंसर के मामले रिपोर्ट हुए। इसी तरह जीएमसी जम्मू में रोजाना 5 से 10 हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं। कार्डियोवैस्कुलर (हृदय रोग) के मरीजों में तेजी से वृद्धि हो रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डा. सुशील शर्मा का कहना है कि जीवनशैली को संतुलित बनाकर हृदय रोगों से बचा जा सकता है।
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जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल व कैंसर विशेषज्ञ डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पकड़ने पर पीड़ित को बेहतर इलाज देने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए लक्षण दिखने पर जल्द स्क्रीनिंग करवानी चाहिए।
मधुमेह के लक्षण
थकावट की शिकायत रहना, बार बार पेशाब आना, मुंह का सूखना, बार बार प्यास लगना, नियमित खाना खाने पर भी सेहत न बनना, वजन लगातार गिरना और घाव जल्द न भरना।
चलते या बैठते समय अचानक चक्कर आना, अचानक आंखों के सामने अंधेरा छाना, सिर पर भारी पन का अहसास होना, सीने में हल्का भारीपन रहना, उल्टी का मन होना
उचित कार्ययोजना के तहत लक्ष्य को पूरा करेंगे-निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. राकेश मगोत्रा का कहना है कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि एनसीडी की लक्षित आबादी को मार्च के अंत तक स्क्रीन कर लें। इसके लिए उचित कार्य योजना बनाई गई है। लोगों को भी खुद आगे आकर अपने शरीर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए, ताकि शुरुआत में ही बीमारी को पकड़कर उनका बेहतर इलाज किया जा सके।