{"_id":"6a7255d76969cd72b40dad80","slug":"health-news-jammu-news-c-10-jmu1059-978610-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: मोबाइल से बनने लगी ओपीडी पर्ची, जेके \nसेहत एप से 12.37 लाख टोकन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: मोबाइल से बनने लगी ओपीडी पर्ची, जेके सेहत एप से 12.37 लाख टोकन जारी
विज्ञापन
- 3,077 स्वास्थ्य पेशेवर, 15.60 लाख नागरिक एप से जुड़े, टेली-कंसल्टेशन सेवाओं का भी बढ़ा दायरा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में का जेके सेहत एप लोगों को रास आ रहा है। अप्रैल 2025 में शुरू इस एप से अब तक 12.37 लाख से अधिक डिजिटल ओपीडी टोकन जारी किए जा चुके हैं। 15.60 लाख नागरिक इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही मोबाइल से ओपीडी पंजीकरण की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।
जीएमसी जम्मू के प्राचार्य डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि एप से सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, एबीडीएम आधारित स्कैन एंड शेयर सुविधा से ओपीडी टोकन, टेली-कंसल्टेशन, होम हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पंजीकृत मेडिकल स्टोर से दवा ऑर्डर जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ब्लड बैंक, 102 और 108 एंबुलेंस सेवा, हेल्थ हेल्पलाइन, टीकाकरण और नशा मुक्ति केंद्रों की जानकारी भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिल रही है। एप से 3,077 डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य पेशेवर जुड़े हैं। इनके माध्यम से अब तक 4,805 टेली-कंसल्टेशन और होम हेल्थकेयर सेवाएं दी जा चुकी हैं। चार हजार से अधिक दवा ऑर्डर भी सफलतापूर्वक लोगों तक पहुंचाए गए हैं।
-- -
डिजिटल सफर में सुधार की भी जरूरत, डॉक्टरों पर बढ़ा बोझ
हालांकि एप के उपयोग में लगातार बढ़ोतरी के बीच इसे और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। शुरुआती महीनों में कुछ उपयोगकर्ताओं ने ओटीपी, लॉगिन और कुछ सेवाओं के अलग-अलग पोर्टल पर खुलने जैसी तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी। डॉक्टर्स एसोसिएशन, जम्मू के प्रेजिडेंट डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि कई अस्पतालों में एप पर डाटा एंट्री का काम भी डॉक्टरों को करना पड़ता है, इसलिए मरीजों को देखने वाले समय में कटौती करनी पड़ती है। उनका कहना है कि एसोसिएशन जल्द ही इस मामले को जोर-शोर से उठाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में का जेके सेहत एप लोगों को रास आ रहा है। अप्रैल 2025 में शुरू इस एप से अब तक 12.37 लाख से अधिक डिजिटल ओपीडी टोकन जारी किए जा चुके हैं। 15.60 लाख नागरिक इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही मोबाइल से ओपीडी पंजीकरण की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।
जीएमसी जम्मू के प्राचार्य डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि एप से सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, एबीडीएम आधारित स्कैन एंड शेयर सुविधा से ओपीडी टोकन, टेली-कंसल्टेशन, होम हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पंजीकृत मेडिकल स्टोर से दवा ऑर्डर जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ब्लड बैंक, 102 और 108 एंबुलेंस सेवा, हेल्थ हेल्पलाइन, टीकाकरण और नशा मुक्ति केंद्रों की जानकारी भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिल रही है। एप से 3,077 डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य पेशेवर जुड़े हैं। इनके माध्यम से अब तक 4,805 टेली-कंसल्टेशन और होम हेल्थकेयर सेवाएं दी जा चुकी हैं। चार हजार से अधिक दवा ऑर्डर भी सफलतापूर्वक लोगों तक पहुंचाए गए हैं।
विज्ञापन
डिजिटल सफर में सुधार की भी जरूरत, डॉक्टरों पर बढ़ा बोझ
हालांकि एप के उपयोग में लगातार बढ़ोतरी के बीच इसे और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। शुरुआती महीनों में कुछ उपयोगकर्ताओं ने ओटीपी, लॉगिन और कुछ सेवाओं के अलग-अलग पोर्टल पर खुलने जैसी तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी। डॉक्टर्स एसोसिएशन, जम्मू के प्रेजिडेंट डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि कई अस्पतालों में एप पर डाटा एंट्री का काम भी डॉक्टरों को करना पड़ता है, इसलिए मरीजों को देखने वाले समय में कटौती करनी पड़ती है। उनका कहना है कि एसोसिएशन जल्द ही इस मामले को जोर-शोर से उठाएगी।
विज्ञापन