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Jammu News: कैंसर का पता जल्दी चले, इलाज में देर न हो... जीएमसी में बनी योजना
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- स्तन, मुंह, गर्भाशय और पेट के कैंसर की जांच मजबूत करने पर काम
- स्तन कैंसर के मरीजों के इलाज और बचने की संभावना बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कैंसर का पता समय पर चले और मरीज को जांच के बाद सही इलाज तक पहुंचने में ज्यादा समय न लगे, इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। जीएमसी जम्मू में बुधवार और वीरवार को हुई दो दिवसीय कार्यशाला में स्तन, मुंह, गर्भाशय और पेट के कैंसर की जांच बेहतर बनाने के साथ मरीजों को समय पर इलाज तक पहुंचाने के तरीकों पर काम हुआ। खास तौर पर स्तन कैंसर के मरीजों के इलाज और बचने की संभावना बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर काम किया गया।
कार्यशाला में चारों तरह के कैंसर की शुरुआती पहचान पर ध्यान दिया गया। ज्यादा जोखिम वाले लोगों की पहचान, जांच की सुविधा बढ़ाने और बीमारी के संकेत मिलने पर मरीज को आगे की जांच और इलाज के लिए सही केंद्र तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा हुई। स्तन कैंसर के प्रस्ताव में जागरूकता और शुरुआती जांच से लेकर बीमारी की पुष्टि, विशेषज्ञ केंद्र तक पहुंच और इलाज तक की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम हुआ। मकसद मरीजों को समय पर इलाज दिलाना और इलाज के बेहतर नतीजे हासिल करना है। कैंसर की जांच और इलाज से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित रखने के लिए डाटा प्रबंधन पर भी सत्र हुआ। आईसीएमआर ने रेडकैप डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी दी, जिससे मरीजों और इलाज से जुड़े आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी।
जीएमसी के प्राचार्य आशुतोष गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थानीय जरूरतों और स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद दिक्कतों को ध्यान में रखकर आगे की योजना तैयार करने पर सहमति बनी। इसके आधार पर कैंसर की रोकथाम, जांच, जल्दी पहचान और समय पर इलाज से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
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- स्तन कैंसर के मरीजों के इलाज और बचने की संभावना बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कैंसर का पता समय पर चले और मरीज को जांच के बाद सही इलाज तक पहुंचने में ज्यादा समय न लगे, इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। जीएमसी जम्मू में बुधवार और वीरवार को हुई दो दिवसीय कार्यशाला में स्तन, मुंह, गर्भाशय और पेट के कैंसर की जांच बेहतर बनाने के साथ मरीजों को समय पर इलाज तक पहुंचाने के तरीकों पर काम हुआ। खास तौर पर स्तन कैंसर के मरीजों के इलाज और बचने की संभावना बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर काम किया गया।
कार्यशाला में चारों तरह के कैंसर की शुरुआती पहचान पर ध्यान दिया गया। ज्यादा जोखिम वाले लोगों की पहचान, जांच की सुविधा बढ़ाने और बीमारी के संकेत मिलने पर मरीज को आगे की जांच और इलाज के लिए सही केंद्र तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा हुई। स्तन कैंसर के प्रस्ताव में जागरूकता और शुरुआती जांच से लेकर बीमारी की पुष्टि, विशेषज्ञ केंद्र तक पहुंच और इलाज तक की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम हुआ। मकसद मरीजों को समय पर इलाज दिलाना और इलाज के बेहतर नतीजे हासिल करना है। कैंसर की जांच और इलाज से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित रखने के लिए डाटा प्रबंधन पर भी सत्र हुआ। आईसीएमआर ने रेडकैप डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी दी, जिससे मरीजों और इलाज से जुड़े आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी।
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जीएमसी के प्राचार्य आशुतोष गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थानीय जरूरतों और स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद दिक्कतों को ध्यान में रखकर आगे की योजना तैयार करने पर सहमति बनी। इसके आधार पर कैंसर की रोकथाम, जांच, जल्दी पहचान और समय पर इलाज से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
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