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Jammu News: पारा चढ़ने के साथ बिगड़ने लगी सेहत
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जम्मू। जम्मू में पारे के 40 डिग्री के करीब पहुंच जाने के साथ सेहत पर असर पड़ने लगा है। शहरवासी डिहाइड्रेशन, टायफायड, पीलिया, डायरिया आदि स्वास्थ्य समस्याएं लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। खासतौर पर 0-5 साल के बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। तापमान में बढ़ोतरी खुले में रखे खाद्य पदार्थों का स्वाद खराब कर रहा है। अप्रैल में लगभग मौसम सुहावना रहने के बाद मई में अचानक पारे में उछाल से सेहत अधिक बिगड़ रही है।
शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में सामान्य ओपीडी में 50-60 तक डायरिया, डिहाइड्रेशन के मामले पहुंच रहे हैं। इसके अलावा टायफायड, पीलिया आदि समस्याएं लेकर भी बच्चे आ रहे हैं। डाॅक्टरों के अनुसार आगामी बरसात में डायरिया के मामलों में और बढ़ोतरी होगी। बाल रोग विभाग के एचओडी डाॅ. जीएस सैनी के अनुसार इस मौसम में ई कोली बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय रहता है, जो डायरिया की मुख्य वजह होता है। इसमें दूषित पानी का सेवन करने से उल्टी और दस्त के साथ हल्का या तेज बुखार रहता है। डायरिया के लक्षण में एक ही दिन में तीन से ज्यादा बार दस्त आना रहता है। इसमें दस्त पहले या बाद में किस तरह से आई, उस पर डायरिया का प्रभाव निर्भर करता है। दूषित पानी ही अधिकांश पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। इस समय वातावरण में गर्मी अधिक है, जिससे मक्खी सहित अन्य कीड़े मकोड़े खुले वातावरण में अधिक रहते हैं, जो खाद्य पदार्थों तक पहुंचकर मानव शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी तरह अधिक देर तक बाहर खाना रहने से उसमें गर्मी के कारण बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। गांधीनगर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. प्रवीण योगराज ने बताया कि बच्चों को रोटा वायरस आम तौर पर अपनी चपेट में लेता है। छोटे बच्चों को बोतल का दूध देने में सही साफ सफाई न रखने के कारण भी डायरिया की शिकायत रहती है। इसके साथ उनके पास निजी क्लीनिक में टायफायड, पीलिया आदि के मामले आ रहे हैं।
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लक्षण
कोई खाद्य पदार्थ खाने पर पेट में दर्द होना
उल्टी और दस्त एक साथ लगना
हल्का या तेज बुखार होना
पानी की कमी से मुंह का सूखना
-- -- -- बचाव
साफ पानी या पानी को उबाल कर पीएं
खाना बनाने के बाद ज्यादा देर तक खुले में न रखें
अधिक उल्टी या दस्त को गंभीरता से लें और शरीर में पानी की मात्रा पूरी करें
दूध से बने पदार्थ सही तापमान में रखें
शरीर में पानी की कमी को पूरा करने को अधिक तरल पदार्थ लें
गर्मी वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें
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शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में सामान्य ओपीडी में 50-60 तक डायरिया, डिहाइड्रेशन के मामले पहुंच रहे हैं। इसके अलावा टायफायड, पीलिया आदि समस्याएं लेकर भी बच्चे आ रहे हैं। डाॅक्टरों के अनुसार आगामी बरसात में डायरिया के मामलों में और बढ़ोतरी होगी। बाल रोग विभाग के एचओडी डाॅ. जीएस सैनी के अनुसार इस मौसम में ई कोली बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय रहता है, जो डायरिया की मुख्य वजह होता है। इसमें दूषित पानी का सेवन करने से उल्टी और दस्त के साथ हल्का या तेज बुखार रहता है। डायरिया के लक्षण में एक ही दिन में तीन से ज्यादा बार दस्त आना रहता है। इसमें दस्त पहले या बाद में किस तरह से आई, उस पर डायरिया का प्रभाव निर्भर करता है। दूषित पानी ही अधिकांश पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। इस समय वातावरण में गर्मी अधिक है, जिससे मक्खी सहित अन्य कीड़े मकोड़े खुले वातावरण में अधिक रहते हैं, जो खाद्य पदार्थों तक पहुंचकर मानव शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी तरह अधिक देर तक बाहर खाना रहने से उसमें गर्मी के कारण बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। गांधीनगर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. प्रवीण योगराज ने बताया कि बच्चों को रोटा वायरस आम तौर पर अपनी चपेट में लेता है। छोटे बच्चों को बोतल का दूध देने में सही साफ सफाई न रखने के कारण भी डायरिया की शिकायत रहती है। इसके साथ उनके पास निजी क्लीनिक में टायफायड, पीलिया आदि के मामले आ रहे हैं।
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लक्षण
कोई खाद्य पदार्थ खाने पर पेट में दर्द होना
उल्टी और दस्त एक साथ लगना
हल्का या तेज बुखार होना
पानी की कमी से मुंह का सूखना
साफ पानी या पानी को उबाल कर पीएं
खाना बनाने के बाद ज्यादा देर तक खुले में न रखें
अधिक उल्टी या दस्त को गंभीरता से लें और शरीर में पानी की मात्रा पूरी करें
दूध से बने पदार्थ सही तापमान में रखें
शरीर में पानी की कमी को पूरा करने को अधिक तरल पदार्थ लें
गर्मी वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें