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Jammu News: फिजियोथेरेपी के नाम पर कहीं ठगे ताे नहीं जा रहे
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अमित कुमार
जम्मू। शहरी इलाकों में फिजियोथैरेपी के नाम पर मरीजों से पैसे ऐंठने का खेल चल रहा है। कई ऐसे लोग हैं जो खुद को फिजियोथैरेपिस्ट बताकर मरीजों को अनुचित और अवैज्ञानिक ढंग से उपचार देकर राहत की जगह उनकी शारीरिक जटिलताओं को और बढ़ा रहे हैं।
ऐसे अधिकांश लोगों के पास संबंधित डिग्री नहीं है या ये वे लोग हैं जो मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट के पास हेल्पर के तौर पर काम कर रहे हैं और खुद को फिजियोथैरेपिस्ट बताते हैं। फिजियोथैरेपी के लिए प्रत्येक होम विजिट पर 700 से 1,000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
अमान्यता प्राप्त पेशेवरों द्वारा फिजियोथैरेपी सेवाएं देने के मामलों पर संज्ञान लेते हुए द इंडियन एसोसिएशन आफ फिजियोथैरेपिस्ट जेएंडके चैप्टर ने सार्वजनिक सलाह जारी की है।
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एसोसिएशन के प्रदेश उपप्रधान (जेएंडके) डाॅ. विशाल शर्मा ने बताया कि उनकी सात सदस्यीय एंटी क्याक्री समिति को खासतौर पर शहरी इलाकों में मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट से शिकायतें मिली हैं कि उक्त स्थानों में कई अमान्यता प्राप्त पेशेवर सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया व अन्य साधनों के माध्यम से लोगों को फिजियोथैरेपी की सेवाएं देने के दावे किए जा रहे हैं। इसमें संबंधित घरों पर अमान्यता प्राप्त पेशेवर (जिनमें अधिकांश नर्सिंग छात्र, हेल्पर आदि हैं) भेज दिए जाते हैं। इनमें अधिकांश मामलों में लोगों द्वारा घर पर आने वाले अमान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट की मान्यता के बारे में पूछा नहीं जाता है। ऐसे लोगों से उपचार कराना पीड़ितों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है।
500 मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट
जम्मू में करीब 500 मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट हैं। डाॅ. विशाल शर्मा ने बताया कि पांच साल की डिग्री से मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट को ही स्वतंत्र रूप से फिजियोथैरेपी की प्रैक्टिस का अधिकार है।
अधिकतर इस इलाज के लिए बुलाया जाता है
घर पर अधिकांश स्ट्रोक, लकवा, शोल्डर या शरीर के अन्य किसी हिस्से में चोट आदि के मामलों में फिजियोथैरेपी उपचार के लिए बुलाया जाता है।
महंगे फिजियोथैरेपी उपकरण मंगवाए जा रहे
गैर मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट घरों में पहुंचकर लोगों को महंगे फिजियोथैरेपी उपकरणों को मंगवाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे मामलों में अधिकांश मरीजों को ऐसे उपकरणों की जरूरत नहीं होती है। इन उपकरणों में अमान्यता प्राप्त पेशेवरों की कमीशन रहती है। जिससे खरीद कर भी मरीज को चिकित्सा लाभ नहीं मिल पाता है।
होम विजिट पर क्या करें
-सुरक्षित और योग्य फिजियोथेरेपी देखभाल सुनिश्चित करें
-पेशेवर फिजियोथैरेपिस्ट से उसकी डिग्री या मार्कशीट के बारे में जानकारी लें
-यह मान्यता प्राप्त पांच साल की डिग्री होनी चाहिए
इस केस से समझें पूरा खेल
छन्नी हिम्मत निवासी शाम लाल ने शोल्डर में चोट के उपचार के लिए घर पर फिजियोथैरेपी के लिए एक पेशेवर को बुलाया। कुछ दिन फिजियोथैरेपी करवाई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। एक दोस्त ने कहा कि फिजियोथैरेपिस्ट से मान्यता पूछे जब पूछा तो उसने आना बंद कर दिया और फोन काल भी नहीं उठाया जा रहा। इससे साफ है कि वह पेशेवर फिजियोथैरेपिस्ट नहीं था।
यह है फिजियोथैरेपी
फिजियोथेरेपी शरीर में गंभीर दर्द को कम करने में मदद करती है जो अक्सर चोटों, बीमारियों या विकलांगता के कारण होती है। इससे उपचार कराने पर मरीजों को दैनिक गतिविधियों को करने में आसानी होने लगती है। इससे शारीरिक ताकत और लचीलापन में वृद्धि होने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे पीड़ित की सक्रियता बढ़ती है। फिजियोथेरेपी कई बीमारियों और चोटों के उपचार में सहायता करती है। इसमें प्रमुख रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस, पीठ दर्द, स्ट्रोक, लकवा आदि होता है।
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जम्मू। शहरी इलाकों में फिजियोथैरेपी के नाम पर मरीजों से पैसे ऐंठने का खेल चल रहा है। कई ऐसे लोग हैं जो खुद को फिजियोथैरेपिस्ट बताकर मरीजों को अनुचित और अवैज्ञानिक ढंग से उपचार देकर राहत की जगह उनकी शारीरिक जटिलताओं को और बढ़ा रहे हैं।
ऐसे अधिकांश लोगों के पास संबंधित डिग्री नहीं है या ये वे लोग हैं जो मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट के पास हेल्पर के तौर पर काम कर रहे हैं और खुद को फिजियोथैरेपिस्ट बताते हैं। फिजियोथैरेपी के लिए प्रत्येक होम विजिट पर 700 से 1,000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
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अमान्यता प्राप्त पेशेवरों द्वारा फिजियोथैरेपी सेवाएं देने के मामलों पर संज्ञान लेते हुए द इंडियन एसोसिएशन आफ फिजियोथैरेपिस्ट जेएंडके चैप्टर ने सार्वजनिक सलाह जारी की है।
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एसोसिएशन के प्रदेश उपप्रधान (जेएंडके) डाॅ. विशाल शर्मा ने बताया कि उनकी सात सदस्यीय एंटी क्याक्री समिति को खासतौर पर शहरी इलाकों में मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट से शिकायतें मिली हैं कि उक्त स्थानों में कई अमान्यता प्राप्त पेशेवर सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया व अन्य साधनों के माध्यम से लोगों को फिजियोथैरेपी की सेवाएं देने के दावे किए जा रहे हैं। इसमें संबंधित घरों पर अमान्यता प्राप्त पेशेवर (जिनमें अधिकांश नर्सिंग छात्र, हेल्पर आदि हैं) भेज दिए जाते हैं। इनमें अधिकांश मामलों में लोगों द्वारा घर पर आने वाले अमान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट की मान्यता के बारे में पूछा नहीं जाता है। ऐसे लोगों से उपचार कराना पीड़ितों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है।
500 मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट
जम्मू में करीब 500 मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट हैं। डाॅ. विशाल शर्मा ने बताया कि पांच साल की डिग्री से मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट को ही स्वतंत्र रूप से फिजियोथैरेपी की प्रैक्टिस का अधिकार है।
अधिकतर इस इलाज के लिए बुलाया जाता है
घर पर अधिकांश स्ट्रोक, लकवा, शोल्डर या शरीर के अन्य किसी हिस्से में चोट आदि के मामलों में फिजियोथैरेपी उपचार के लिए बुलाया जाता है।
महंगे फिजियोथैरेपी उपकरण मंगवाए जा रहे
गैर मान्यता प्राप्त फिजियोथैरेपिस्ट घरों में पहुंचकर लोगों को महंगे फिजियोथैरेपी उपकरणों को मंगवाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे मामलों में अधिकांश मरीजों को ऐसे उपकरणों की जरूरत नहीं होती है। इन उपकरणों में अमान्यता प्राप्त पेशेवरों की कमीशन रहती है। जिससे खरीद कर भी मरीज को चिकित्सा लाभ नहीं मिल पाता है।
होम विजिट पर क्या करें
-सुरक्षित और योग्य फिजियोथेरेपी देखभाल सुनिश्चित करें
-पेशेवर फिजियोथैरेपिस्ट से उसकी डिग्री या मार्कशीट के बारे में जानकारी लें
-यह मान्यता प्राप्त पांच साल की डिग्री होनी चाहिए
इस केस से समझें पूरा खेल
छन्नी हिम्मत निवासी शाम लाल ने शोल्डर में चोट के उपचार के लिए घर पर फिजियोथैरेपी के लिए एक पेशेवर को बुलाया। कुछ दिन फिजियोथैरेपी करवाई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। एक दोस्त ने कहा कि फिजियोथैरेपिस्ट से मान्यता पूछे जब पूछा तो उसने आना बंद कर दिया और फोन काल भी नहीं उठाया जा रहा। इससे साफ है कि वह पेशेवर फिजियोथैरेपिस्ट नहीं था।
यह है फिजियोथैरेपी
फिजियोथेरेपी शरीर में गंभीर दर्द को कम करने में मदद करती है जो अक्सर चोटों, बीमारियों या विकलांगता के कारण होती है। इससे उपचार कराने पर मरीजों को दैनिक गतिविधियों को करने में आसानी होने लगती है। इससे शारीरिक ताकत और लचीलापन में वृद्धि होने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे पीड़ित की सक्रियता बढ़ती है। फिजियोथेरेपी कई बीमारियों और चोटों के उपचार में सहायता करती है। इसमें प्रमुख रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस, पीठ दर्द, स्ट्रोक, लकवा आदि होता है।