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अगले छह माह में पूरी तरह काम करने लगेगा एम्स : डॉ. शक्ति
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-कहा-500 नर्सों को दिल्ली में दिलागा गया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) विजयपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) शक्ति गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि पहले चरण में एम्स में आपात सेवाएं शुरू नहीं की जाएंगी। सभी जरूरी उपकरण और पर्याप्त संकाय व अन्य स्टाफ की तैनाती के बाद अगले छह माह में एम्स पूरी तरह से काम करने लगेगा।
एम्स की करीब 500 नर्सों को दिल्ली एम्स में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है। 187 सृजित पदों में से 85 संकाय सदस्यों की नियुक्ति कर ली गई है और बाकी की भर्ती जारी है। एम्स में सुरक्षा के लिए सौ प्रतिशत स्थानीय एक्स सर्विसमैन की नियुक्ति की जाएगी। यदि जगह बची तो दूसरे प्रदेश के लोगों को मौका दिया जाएगा। एम्स रेफरल अस्पताल के रूप में काम करेगा, जिसमें गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेगा, उसके डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के काम करेंगे। इसके लिए प्रदेश प्रशासन को लिखा गया है। हर जिले को टेलिमेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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जहर सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित होगी
प्रदेश में जहरीले पदार्थों के निगलने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स प्रशासन प्वाइजिंग (जहर) सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित करेगा। इसमें सर्पदंश और दूसरे जहर के मामलों के लिए जिला स्तर पर टेलिमेडिसिन के माध्यम से एम्स विशेषज्ञों द्वारा तत्काल उचित चिकित्सा सलाह मुहैया करवाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) विजयपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) शक्ति गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि पहले चरण में एम्स में आपात सेवाएं शुरू नहीं की जाएंगी। सभी जरूरी उपकरण और पर्याप्त संकाय व अन्य स्टाफ की तैनाती के बाद अगले छह माह में एम्स पूरी तरह से काम करने लगेगा।
एम्स की करीब 500 नर्सों को दिल्ली एम्स में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है। 187 सृजित पदों में से 85 संकाय सदस्यों की नियुक्ति कर ली गई है और बाकी की भर्ती जारी है। एम्स में सुरक्षा के लिए सौ प्रतिशत स्थानीय एक्स सर्विसमैन की नियुक्ति की जाएगी। यदि जगह बची तो दूसरे प्रदेश के लोगों को मौका दिया जाएगा। एम्स रेफरल अस्पताल के रूप में काम करेगा, जिसमें गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेगा, उसके डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के काम करेंगे। इसके लिए प्रदेश प्रशासन को लिखा गया है। हर जिले को टेलिमेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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जहर सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित होगी
प्रदेश में जहरीले पदार्थों के निगलने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स प्रशासन प्वाइजिंग (जहर) सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित करेगा। इसमें सर्पदंश और दूसरे जहर के मामलों के लिए जिला स्तर पर टेलिमेडिसिन के माध्यम से एम्स विशेषज्ञों द्वारा तत्काल उचित चिकित्सा सलाह मुहैया करवाई जाएगी।
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