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तापमान में गिरावट से हार्ट अटैक के मामले बढ़े
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जम्मू। तापमान में गिरावट के साथ हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। जीएमसी में प्रतिदिन 8-10 ऐसे मामले पहुंच रहे हैं। संभाग के दूरवर्ती और पहाड़ी इलाकों में ऐसे मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से उनकी जान चली जा रही है। हृदय विशेषज्ञ कोविड महामारी के बीच हृदय रोगियों को खास एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। तापमान में गिरावट पर रक्तचाप के उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करना सेहत के लिए अधिक घातक हो सकता है। कड़ाके की ठंड के बीच अधिकांश लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। इस दौरान सामान्य से ज्यादा खानपान शरीर में कैलोस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाता है, जो खून की सप्लाई को बाधित करता है। मोटापा, तनाव और हाईपरटेंशन भी हार्ट अटैक का कारण है।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि उनके पास हार्ट अटैक के रोजाना कई मामले पहुंच रहे है। तापमान गिरने पर शारीरिक गतिविधियां कम होने से शरीर में सामान्य 120/80 एमएम एचजी ब्लड प्रेशर का संतुलन बिगड़ जाता है। इसमें कई लोगों के शरीर में ब्लड प्रेशर लगातार ऊपर रहता है। जिससे हाईपरटेंशन की चपेट में आने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। खून में चरबी, चिकनाई बढ़ने, खून की नसें सिकुड़ने, गुर्दे में कोई समस्या आदि से ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है। लेकिन तनावग्रस्त रहने वाले युवा इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना सामान्य से ज्यादा नमक का स्वाद लेने वालों में हाईपरटेंशन (उक्त रक्तचाप और तनाव) की शिकायत बढ़ी है। दिमाग की नसों पर हद से ज्यादा दबाव पड़ने से लकवा होने की आशंका रहती है। जिन दंपतियों में ब्लड प्रेशर की शिकायत होती हैं, उनके बच्चों में 50 प्रतिशत तक इसके होने की आशंका रहती है। युवाओं में हार्ट अटैक के लिए स्मोकिंग, हाईपरटेंशन आदि और महिलाओं में नियमित माहवारी में रुकावट आने पर मोटापे से हार्ट अटैक की आशंका रहती है। कई सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक देश में हर तीसरे व्यस्त में ब्लड प्रेशर की शिकायत है।
लक्षण
1. चलते या बैठते समय अचानक चक्कर आना
2. अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
3. सिर में भारीपन का अहसास होना
4. सीने पर हल्का भारीपन रहना
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बचाव
1. चिकनाई और चरबी युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें
2. मीठी चीजों का सेवन कम करें
3. तनाव से बचाव के उपायों को अपनाएं
4. व्यायाम को रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बनाएं
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हृदय रोगी इसे न करें
1. हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कैलोस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल प्रभाव से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़े
4. फल-सब्जियों का ज्यादा सेवन करें
5. रोजाना आधा घंटा टहलें, योग और कसरत करें
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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि उनके पास हार्ट अटैक के रोजाना कई मामले पहुंच रहे है। तापमान गिरने पर शारीरिक गतिविधियां कम होने से शरीर में सामान्य 120/80 एमएम एचजी ब्लड प्रेशर का संतुलन बिगड़ जाता है। इसमें कई लोगों के शरीर में ब्लड प्रेशर लगातार ऊपर रहता है। जिससे हाईपरटेंशन की चपेट में आने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। खून में चरबी, चिकनाई बढ़ने, खून की नसें सिकुड़ने, गुर्दे में कोई समस्या आदि से ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है। लेकिन तनावग्रस्त रहने वाले युवा इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना सामान्य से ज्यादा नमक का स्वाद लेने वालों में हाईपरटेंशन (उक्त रक्तचाप और तनाव) की शिकायत बढ़ी है। दिमाग की नसों पर हद से ज्यादा दबाव पड़ने से लकवा होने की आशंका रहती है। जिन दंपतियों में ब्लड प्रेशर की शिकायत होती हैं, उनके बच्चों में 50 प्रतिशत तक इसके होने की आशंका रहती है। युवाओं में हार्ट अटैक के लिए स्मोकिंग, हाईपरटेंशन आदि और महिलाओं में नियमित माहवारी में रुकावट आने पर मोटापे से हार्ट अटैक की आशंका रहती है। कई सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक देश में हर तीसरे व्यस्त में ब्लड प्रेशर की शिकायत है।
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लक्षण
1. चलते या बैठते समय अचानक चक्कर आना
2. अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
3. सिर में भारीपन का अहसास होना
4. सीने पर हल्का भारीपन रहना
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बचाव
1. चिकनाई और चरबी युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें
2. मीठी चीजों का सेवन कम करें
3. तनाव से बचाव के उपायों को अपनाएं
4. व्यायाम को रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बनाएं
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हृदय रोगी इसे न करें
1. हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कैलोस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल प्रभाव से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़े
4. फल-सब्जियों का ज्यादा सेवन करें
5. रोजाना आधा घंटा टहलें, योग और कसरत करें