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स्वास्थ्य अभियान: धर्मगुरुओं ने दूर कीं टीकाकरण पर भ्रांतियां, किशोरों के बाद बच्चों को मिली शारीरिक और मानसिक सुरक्षा से हो रहा बचाव
Wed, 30 Mar 2022 01:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 30 Mar 2022 01:31 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में प्रशासन व अन्य संस्थाओं के साथ ही धर्म गुरु भी लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। खासतौर पर बच्चों में विभिन्न तरह की भ्रांतियों को जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा रहा है।
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धर्म गुरु।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कोविड टीकाकरण की शुरुआत में लोगों में डर और कई भ्रांतियां थीं। यहां तक कि कोविड वारियर्स के रूप में काम कर रहे चिकित्सा कर्मी भी इससे बचते रहे, लेकिन टीकाकरण के ही विश्वास धीरे-धीरे बढ़ता गया और शंकाएं दूर होती गईं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अन्य एजेंसियों के सहयोग से जागरूकता का बीड़ा उठाया।
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इसके साथ ही समाज का मार्गदर्शन और नई दिशा देने के लिए धर्म गुरुओं की मदद ली गई, जिन्होंने आगे आ कर अहम भूमिका निभाई है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघरों के संपर्क में आने वाले लोगों को टीकाकरण और कोविड उचित व्यवहार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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कोविड उचित व्यवहार और टीकाकरण पर जागरूक किया
कोविड के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए सभी उचित उपाय किए गए। टीकाकरण को गति देने के लिए भी पूरा सहयोग दिया। खासतौर पर बच्चों में विभिन्न तरह की भ्रांतियों को जागरूकता के माध्यम से दूर किया गया। मंदिर में आने वाले लोगों को स्टाफ की ओर से मास्क, सामाजिक दूरी, टीकाकरण आदि के लिए जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर में शेष आयु वर्ग के लोगों को भी आगे आकर टीकाकरण से खुद को सुरक्षित बनाना चाहिए। - रामेश्वर दास, महंत, ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर एवं अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर वैष्णो साधु समाज।
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सौ फीसदी टीकाकरण से ही बचाव
टीकाकरण से ही कोरोना महामारी से बचाव हुआ है। टीकाकरण ने सभी धर्मों के लोगों को शारीरिक सुरक्षा प्रदान की है। यही कारण है कि कोविड की तीसरी लहर के दौरान प्रदेश में वायरस की चपेट में आने के बावजूद कम लोगों की मौत हुई है। धार्मिक स्थलों में आने वाले नमाजियों और अन्य लोगों को नियमित तौर पर कोविड उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाता रहा है। अभी कोविड का खतरा कम हुआ है, लेकिन पूरी तरह से टला नहीं है। लिहाजा सौ फीसदी टीकाकरण से ही इससे बचा किया जा सकता है। - सईद अली बादशाह नकवी, मौलाना, इमाम-ए-जुमा पीर मिट्ठा (जम्मू)।
स्कूलों में टीकाकरण अभियान बेहतर कदम
मंदिर में कोविड के दौरान आने वाले लोगों में मास्क वितरित किए गए। साथ ही उन्हें कोविड उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया। मंदिर में बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचते हैं, जिन्हें स्टाफ की ओर से मास्क और टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाता रहा। टीकाकरण से ही कोविड से बचाव किया जा सकता है और देश में व्यापक स्तर पर हुए टीकाकरण ने इसे साबित कर दिया है। सरकार ने स्कूलों में टीकाकरण अभियान शुरू करके बेहतर कदम उठाया है। - ऋषिवण, महंत, प्राचीन रणवीरेश्वर मंदिर।
टीकाकरण से बच्चों की शारीरिक सुरक्षा बढ़ी
कोविड में भगवान शिव की अपने भक्तों पर कृपा रही है, लेकिन इसके साथ मजबूत टीकाकरण भी उन्हें बचाने के लिए कारगर साबित हुआ है। किशोरों के बाद बच्चों के टीकाकरण से उन्हें शारीरिक और मानसिक सुरक्षा मिलेगी। मंदिर प्रशासन की ओर से यहां आने वाले लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के साथ टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाता रहा है। - कर्णनाथ, महंत, ऐतिहासिक पीरखो मंदिर।