हनुमान जयंती: घर में ही करें पूजा पाठ, सिद्धि योग और पूजन विधि के बारे में जानिए अहम बातें
श्री हनुमान जयंती के दिन श्रीहनुमान चालीसा का पांच या 11 बार पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है, सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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विस्तार
इस वर्ष चैत्र शुक्ल पूर्णिमा 27 अप्रैल को श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सिद्धि और व्यतीपात योग बन रहा है। श्रीहनुमान जयंती पर सिद्धि योग शाम 8 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस योग में श्री हनुमान जी की पूजा आराधना करना शुभ रहेगा। कोरोना वारयस के चलते हनुमान भक्त घर में रहकर ही पूजा करें।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान महंत रोहित शास्त्री ने बताया चैत्र पूर्णिमा 26 अप्रैल सोमवार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 27 अप्रैल मंगलवार सुबह 9 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी चैत्र पूर्णिमा 27 अप्रैल मंगलवार होने के कारण श्रीहनुमान जन्मोत्सव 27 अप्रैल को ही मनाया जाएगा
उन्होंने कहा कि श्रीहनुमान जी की जन्मतिथि को लेकर मतभेद हैं। कुछ भक्त उनका जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मानते हैं तो कुछ चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को। ग्रंथों में दोनों के ही उल्लेख मिलते हैं। श्रीहनुमान जी के कई नाम हैं, जैसे बजरंग बलि, मारुति, अंजनि सुत, पवन पुत्र, संकटमोचन, केसरी नंदन, महावीर, शंकर सुवन आदि।
पूजन की विधि
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते घर में ही पूजन करें। सुबह स्नान कर घर के ईशान कोण अथवा पूजा के कक्ष में एक चौकी पर गंगाजल छिड़कें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद भगवान श्री राम और माता सीता का स्मरण करें और एक चौकी पर श्रीगणेश जी, भगवान श्रीराम, सीता माता, भगवान श्रीलक्ष्मण जी और श्री हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा न हो तो सुपारी स्थापित करें। आत्म पूजा करें।
भगवान की प्रतिमा अथवा सुपारी को केसरी रंग का चोला चढ़ाएं, चमेली के तेल में केसरी सिंदूर मिलाकर हनुमान जी की प्रतिमा को लेप करें और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। हनुमान जी को चमेली के तेल का दीया अर्पित करें और श्रीहनुमान जी को लौंग लगे मीठे पान का भोग लगाएं, सिर से 8 बार नारियल वारकर हनुमान जी के चरणों में रखें, उड़द के दानों पर सिंदूर लगाकर हनुमान जी की प्रतिमा पर अर्पित करें।