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बोले हमीद कर्रा: 'दिल्ली-बिहार के बजाय जम्मू-कश्मीर के दर्द को समझने की थी जरूरत, बेरोजगारी को किया नजर अंदाज'
Sun, 02 Feb 2025 12:17 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:17 PM IST
सार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने केंद्रीय बजट पर नाराजगी जताते हुए जम्मू-कश्मीर की अनदेखी और बेरोजगारी की समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
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जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय बजट पर प्रदेश कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि बजट में जम्मू-कश्मीर को नजर अंदाज किया गया है। केंद्र ने बजट में राजनीतिक कारणों से बिहार और दिल्ली पर ज्यादा ध्यान दिया है।उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर बेरोजगारी में देश में दूसरे नंबर पर है। बड़ी संख्या में युवा अल्प वेतन पर काम कर रहे हैं और नौकरी के नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। युवाओं के प्रति विशेष ध्यान देने के लिए अधिक संवेदनशील होना चाहिए था।
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आयकर स्लैब में वेतनभोगी वर्ग के लिए लंबे समय से प्रतिक्षित मामूली राहत को छोड़कर, मध्य और गरीब वर्ग को कोई राहत नहीं है, जो दैनिक उपयोग की सभी वस्तुओं की अब तक की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि का सामना कर रहे हैं। मोदी सरकार सालाना दो करोड़ नौकरियां देने का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि दस साल में कितनी नौकरियां दी गईं।
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मोदी सरकार बड़े बैंक डिफॉल्टरों को 16 लाख करोड़ से अधिक की ऋण माफी दे सकती है, लेकिन किसानों को ऋण माफी और जीएसटी के तहत कर लगाए गए अधिकांश कृषि उपकरणों को छूट देने पर विचार नहीं किया।
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