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छोटे कपड़े पहनने वालों की अस्पताल में नो एंट्री

Sat, 04 Jul 2015 11:15 AM IST
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:15 AM IST
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half pant and capri ban in jammu hospital

अब तक आपने सुना होगा कि किसी स्कूल या कॉलेज ने हाफ पैंट या कैपरी पर रोक लगा दी हो या लड़कियों के स्कर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया हो। लेकिन जम्मू के एक अस्पताल में इसी तरह का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है।

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जम्मू शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में एक समस्या को लेकर अस्पताल परिसर में हाफ पैंट और कैपरी पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए बाकायदा एंट्री गेट पर नोटिस चस्पा किया गया है।
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अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि खासकर रात के समय लोग ऐसे परिधानों में अस्पताल परिसर में पहुंच जाते हैं, जबकि यहां गायनी का प्रमुख केंद्र है। अस्पताल में गायनी के अलावा शिशु, ईएनटी, स्किन, निको आदि प्रमुख केंद्र चल रहे हैं।

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महिला वार्ड की मरीज थीं परेशान

half pant and capri ban in jammu hospital

प्रसव मामलों में एसएमजीएस संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन पिछले कुछ समय से अस्पताल के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है। अस्पताल परिसर में शहर के अलावा दूरवर्ती क्षेत्रों से आने वाले कई तीमारदार हाफ पैंट या कैपरी पहनकर ही आ जाते हैं, जिसका महिला मरीजों ने विरोध किया था।

उनका कहना था कि अस्पताल में गायनी का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में अनुशासन और मर्यादा को कायम रखा जाए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने स्पोर्ट हाफ पैंट और कैपरी पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। अगर कोई व्यक्ति ऐसे परिधान में अस्पताल पहुंचता है तो उसे सिक्योरिटी गार्ड दूसरे परिधान पहनकर आने को कहते हैं।

अस्पताल में कई जगह नोटिस भी लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि एसएमजीएस अस्पताल में बच्चा चोरी के कई मामले हो चुके हैं। जिसके बाद असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।

स्पाइनल वार्ड में टायल गिरे, मरीजों में दहशत

half pant and capri ban in jammu hospital

जीएमसी के स्पाइनल वार्ड (वार्ड दो) में दीवारों पर लगाए गए बड़े टायल के गिरने से मरीजों के साथ तीमारदारों में दहशत है। शुक्रवार को वार्ड में कई टायल गिरकर टूट गए। गनीमत यह रही कि वे किसी पर नहीं गिरे। टायल गिरने से मरम्मत कार्यों में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

वातानुकूलित वार्ड होने के बावजूद शीशा भी टूटा हुआ है, जिसमें चादर के सहारे काम चलाया जा रहा है। शुक्रवार को उस समय मरीजों और तीमारदारों में अफरातफरी फैल गई जब एक के बाद एक कई बड़े टायल दीवारों से नीचे गिरकर चकनाचूर हो गए। अमूमन मरीज के बेड के साथ जमीन पर तीमारदार आराम करते रहते हैं, जिनके पीछे ही ये दीवारें हैं।

टायल के गिरने के बाद तीमारदारों में इस कदम दहशत थी कि वे दीवारों से दूर बैठ रहे थे। तीमारदार रोशन लाल ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को ऐसी घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। इससे मरीज के साथ तीमारदारों को चोट आ सकती है। टायल में लगाई गई सामग्री की भी जांच करवाई जानी चाहिए।

टायल गिरने से आर्थिक नुकसान के साथ जानी नुकसान की भी आशंका बनी रहती है।

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