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Jammu News: पांच हजार वर्ष पुराने रीति-रिवाज निभाए, शिव-पार्वती की दूल्हे-दुल्हन के रूप में पूजा, नीचे बैठकर खाया खाना
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गुलशन मैदान में कश्मीरी पंडितों ने पांच हजार वर्ष पुराने रीति रिवाज का अनूठा उदाहरण दिया। दूल्हे और दुल्हन की शिव और पार्वती के रूप में पूजा की। शिवरात्रि में कांसे के बर्तनों में नीचे बैठकर खाना खाकर परंपरा से रूबरू करवाया। इस दौरान लोगों की भीड़ उमड़ी। हर व्यक्ति वर्षों पुराने रिवाज के बारे में जानकारी लेने के लिए उत्साहित था। वैदिक मंत्रों का उच्चारण सुबह से जारी रहा। कश्मीरी पंडितों ने बताया कि शादी के दौरान दूल्हे और दुल्हन की मंडप में पूजा कर खुशमयी जीवन के लिए कामना की जाती है। महिलाएं विशेष कपड़े और गहने पहन कर बैठती हैं।
शिवरात्रि के साथ कश्मीरी खानपान से लोग परिचित हुए। एक तरफ शिव और पार्वती की पूजा हो रही थी, दूसरी तरफ कश्मीरी पंडित नीचे बैठकर भोजन कांसे के बर्तन में खा रहे थे। लोगों ने देसी चावल, पनीर, नदरु, बैंगन का खट्टा, राजमाह और कावा का स्वाद लिया। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर के खाने का आनंद उठाया। जम्मू जिले की डोगरी रोटी, बासमती, गुच्छी की सब्जी, राजमाह और चावल खाए। कश्मीर के दामलू, पनीर और नदरु का मजा लिया।
लद्दाखी कारपेट सर्दी में गर्मी जैसे करवाता अहसास
लद्दाख की ओर से लगाई प्रदर्शनी में कारपेट की खासियत से लोग काफी दंग रह गए। यह इस मौसम में भी कमरे में बिछाने के बाद गर्मी जैसा अहसास करवाता है। हासिब के अनुसार खास तकनीक से इसे तैयार किया गया है। कश्मीर और लद्दाख में मांग सबसे ज्यादा रहती है।
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जम्मू। गुलशन मैदान में कश्मीरी पंडितों ने पांच हजार वर्ष पुराने रीति रिवाज का अनूठा उदाहरण दिया। दूल्हे और दुल्हन की शिव और पार्वती के रूप में पूजा की। शिवरात्रि में कांसे के बर्तनों में नीचे बैठकर खाना खाकर परंपरा से रूबरू करवाया। इस दौरान लोगों की भीड़ उमड़ी। हर व्यक्ति वर्षों पुराने रिवाज के बारे में जानकारी लेने के लिए उत्साहित था। वैदिक मंत्रों का उच्चारण सुबह से जारी रहा। कश्मीरी पंडितों ने बताया कि शादी के दौरान दूल्हे और दुल्हन की मंडप में पूजा कर खुशमयी जीवन के लिए कामना की जाती है। महिलाएं विशेष कपड़े और गहने पहन कर बैठती हैं।
शिवरात्रि के साथ कश्मीरी खानपान से लोग परिचित हुए। एक तरफ शिव और पार्वती की पूजा हो रही थी, दूसरी तरफ कश्मीरी पंडित नीचे बैठकर भोजन कांसे के बर्तन में खा रहे थे। लोगों ने देसी चावल, पनीर, नदरु, बैंगन का खट्टा, राजमाह और कावा का स्वाद लिया। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर के खाने का आनंद उठाया। जम्मू जिले की डोगरी रोटी, बासमती, गुच्छी की सब्जी, राजमाह और चावल खाए। कश्मीर के दामलू, पनीर और नदरु का मजा लिया।
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लद्दाखी कारपेट सर्दी में गर्मी जैसे करवाता अहसास
लद्दाख की ओर से लगाई प्रदर्शनी में कारपेट की खासियत से लोग काफी दंग रह गए। यह इस मौसम में भी कमरे में बिछाने के बाद गर्मी जैसा अहसास करवाता है। हासिब के अनुसार खास तकनीक से इसे तैयार किया गया है। कश्मीर और लद्दाख में मांग सबसे ज्यादा रहती है।
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