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J&K: सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर जारी किया दिशा-निर्देश

Thu, 28 Dec 2017 11:26 AM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Thu, 28 Dec 2017 11:26 AM IST
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 Guidelines issued to government employees on the use social media in j&k
social media - फोटो : DEMO PHOTO

जम्‍मू-कश्‍मीर में सरकार ने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग से संबंधित कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को उनके निजी सोशल मीडिया के अकाउंट पर राजनीतिक विचार साझा करने पर पाबंदी लगा दी है।

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राज्य सरकार ने करीब पांच लाख कर्मचारियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कुछ नियम जारी कर दिए हैं। जिसके मुताबिक अब राज्य के कर्मचारी सरकार के फैसलों, किसी भी विभाग संबंधी जानकारी और रोजमर्रा के कामकाज संबंधी कोई भी बातें सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकते हैं।
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इसके साथ ही कर्मचारियों को देश के राजनीतिक हस्तियों के पोस्ट, ट्वीट और उनके ब्लॉग का प्रचार-प्रसार करने पर भी मनाही की गई है। इसके साथ ही सरकार ने अपने कर्मचारियों  से सोशल मीडिया पर आने वाले भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्‍ट करने व उनसे बचने की भी सलाह दी गई है।

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अलगाववादियों ने कहा, आदेश तानाशाही

 Guidelines issued to government employees on the use social media in j&k

उधर अलगाववादियों से लेकर सियासी पार्टियाें ने भी इस सरकारी आदेश की आलोचना शुरू कर दी है। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख एवं अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने सोशल मीडिया के प्रयोग के संबंधी सरकारी आदेश को तानाशाही करार दिया है।

उन्होंने कहा है कि सरकार उत्तर कोरिया की तर्ज पर सरकारी मुलाजिमों को दबाना चाह रही है। एक ओर अलगाववादी नेता हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने कहा है कि सरकारी आदेश नई दिल्ली और उसके जम्मू कश्मीर के स्थानीय एजेंटों की मानसिकता को दर्शाता है।

कई शिक्षकों को फटकारते, डाक्टरों को स्वतंत्रता पर गालियां देते, अफसरों को अभद्र भाषा और इंजीनियरों को अभद्र सामग्री को शेयर करते हुए देखा है। इससे हर एक को शर्मिंदगी होती है। यह बर्दाश्त के योग्य नहीं है। आलोचना भी सभ्य तरीके से होनी चाहिए। 

मजाक तो कहीं जताई जा रही आपत्ति

 Guidelines issued to government employees on the use social media in j&k

सोशल मीडिया के प्रयोग पर सरकारी आदेश के एक दिन बाद वीरवार को कहीं आदेश का जमकर मजाक उड़ा तो कहीं जबरदस्त आपत्ति भी जताई गई। एक सरकारी अधिकारी शहजादा बिलाल ने आईएएस शाह फैजल व अप्य कर्मचारियों को मजाकिया लहजे में सावधान किया हैं कि अगर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने दिमाग का प्रयोग किया तो उनका नाक काट दिया जाएगा।

एक पूर्व सरकारी प्रिंसिपल हवा बशीर ने मजाक में कहा कि शुक्र हैं कि आदेश रिटायर्ड कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इस पर शाह फैजल ने मजाकिया भरे लफ्जों लिखा कि यह आदेश पेंशनरों पर भी लागू होता है।

जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के प्रमुख एवं अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने सोशल मीडिया के प्रयोग के संबंधी सरकारी आदेश को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा हैं कि सरकार उत्तर कोरिया की तर्ज पर सरकारी मुलाजिमों को दबाना चाह रही है।

एक ओर अलगाववादी नेता हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने कहा हैं कि सरकारी आदेश नई दिल्ली और उसके जम्मू कश्मीर के स्थानीय एजेंटों की मानसिकता को दर्शाता है। 

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