कश्मीर में सुरक्षाबलों से हथियारों की अब नहीं हो सकेगी लूट, ट्रेस हो सकेंगे सभी हथियार
- चोरी होने से बचाने को पुलिस हथियारों में लगाने जा रही जीपीएस
- वेपन सेफ्टी सिस्टम के टेंडर दोबारा लगे, तकनीकी कारणों से था टला
विस्तार
पुलिस को मिलने वाले बुलेट प्रूफ एंबुलेंस वाहन, लीज पर ली जाने वाली हेलीकाप्टर सेवा, आतंकियों का सामना करने वाली मिर्च गेंद की खरीद की टेंडर प्रक्रिया पिछले छह महीने से चल रही है, लेकिन इन छह महीनों में इनके टेंडर दो से तीन बार कैंसिल हो चुके हैं।
अब हथियारों को चोरी होने से बचाने के लिए वेपन सेफ्टी सिस्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। इस सिस्टम के तहत हथियारों में जीपीएस लगना था ताकि कभी इसे कोई चोरी कर ले तो पता चल जाए कि यह हथियार कहां हैं। यदि इसमें लगी चिप को कोई हटाने की कोशिश करेगा तो हथियार चलेगा ही नहीं। कुछ महीने पहले पुलिस ने इस सिस्टम को लाने की घोषणा की थी।
तकनीकी कारणों से टेंडर टला था
हथियारों के सेफ्टी सिस्टम के लिए दोबारा टेंडर निकाला गया है। कुछ तकनीकी और प्रशासनिक खामियों की वजह से टेंडर टाला गया था।-मुबसिर लतीफी, एआईजी, पुलिस मुख्यालय