घुसपैठ के लिए GPS आतंकियों का नया गाइड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकियों ने सीमा पर घुसपैठ करने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। अब तक घुसपैठ करने के लिए दोनों तरफ गाइडों का इस्तेमाल करने वाले आतंकियों ने अब इनकी जगह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
अब जीपीएस ही आतंकियों का नया गाइड बन गया है। पिछले दो महीनों के भीतर उत्तर कश्मीर से 20 आतंकियों ने जीपीएस की मदद से घुसपैठ की है। पंजाब के गुरदासपुर, दीनानगर और उधमपुर में हमला करने वाले आतंकियों ने भी जीपीएस की मदद से घुसपैठ की।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले आतंकी घुसपैठ करने के लिए गाइड के सिग्नल का इंतजार करते थे। गाइड इनको रोड मैप बताते थे, लेकिन अब आतंकी जीपीएस के माध्यम से रोड मैप देखकर गाइडों के बिना ही घुसपैठ कर लेते हैं।
अबू कासिम आगे बनाता है रणनीति
उत्तर कश्मीर के डीआईजी गरीब दास ने कहा कि आतंकियों ने जीपीएस निर्धारित घुसपैठ का ट्रेंड शुरू किया है। पाकिस्तान और लश्कर अपनी पहचान छुपाने और सीमा पर गाइडों के पकड़े जाने को लेकर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। सीमा पार करते ही जीपीएस को डिस कनेक्ट कर दिया जाता है।
लश्कर कमांडर अबू कासिम इन आतंकियों के लिए हमलों की साजिश रचता है। उनके रहने खाने पीने और हमलों की पूरी रणनीति वह बनाता है। उधमपुर में हुए आतंकी हमले की साजिश भी अबू कासिम ने ही रची थी।
घुसपैठ के बाद कश्मीर को छोड़ कर अन्य जगहों पर हमला करने की योजना बनाई गई है। इसमें जम्मू संभाग, पंजाब और देश के अन्य हिस्से शामिल हैं।