खिलाड़ियों और मूक-बधिरों की फीस माफ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के अधीन सभी स्टेडियम में विशेष खिलाड़ियों (डिस्एब्लड) और मूकबधिर खिलाड़ियों से सदस्यता/कोचिंग फीस नहीं ली जाएगी।
इसके साथ ही खेलों को बढ़ावा देने के लिए जम्मू और श्रीनगर में दो स्पोर्ट्स ट्रेनिंग काउंसिल भी बनाई जाएंगी। स्टेट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर निर्धारित कार्यकाल और आयु सीमा अवधि नियम पूरी तरह से लागू किए जाएंगे।
बुधवार को श्रीनगर में युवा सेवा एवं खेल विभाग के मंत्री रमण भल्ला की अध्यक्षता में हुई काउंसिल की 139वीं स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
जिला स्तर पर दी जाएगी खेल सामग्री
बैठक में फैसला लिया गया कि ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
काउंसिल से पंजीकृत क्लबों में जिला स्तर पर खेल सामग्री वितरित की जाएगी। ग्रामीण और दूरवर्ती क्षेत्रों की युवा प्रतिभा को बाहर लाने के लिए खेल ढांचा को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
खेल मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि रियासत में खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई प्रोजेक्टों पर काम किया जा रहा है। इसके लिए खेल ढांचे पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
खिलाड़ियों को राहत दी जाएगी
कोचिंग फीस में छात्र और दूसरे खिलाड़ियों को राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल एसोसिएशनों में पारदर्शिता लाने को नियमों को पूरी तरह से लागू किया जाएगा।
कई एसोसिएशनों में सालों से कई पदाधिकारी बैठे हैं। इस दौरान काउंसिल की पिछले पांच साल की बैलेंस शीट को पेश किया गया। खेलों को बढ़ाना देने के लिए काउंसिल सदस्यों से कई सुझाव लिए गए।
बैठक में अधिकारियों और सदस्यों में बीआर शर्मा, बीबी बयास, दिलीप ठुसू, सिद्धार्थ शर्मा, कुलदीप हांडू, राजेंद्र कालरा आदि मौजूद रहे।