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J&K: चुनाव में किसी चिड़िया को नहीं पहुंचा नुकसान, अनुच्छेद 35ए और 370 कोई मुद्दा नहीं था: राज्यपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Wed, 17 Oct 2018 05:54 PM IST
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- फोटो : फाइल
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि नगर निकाय चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। एक भी चिड़िए को नुकसान नहीं पहुंचा। अनुच्छेद 35 ए और 370 इस चुनाव में कोई मुद्दा नहीं था। नेकां और पीडीपी को बहिष्कार नहीं करना चाहिए था।
निकाय चुनाव की समाप्ति के बाद राज्यपाल ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न होने पर उन्हें संतोष है। चार चरणों का चुनाव संपन्न हो गया और लोगों का रिस्पांस अच्छा रहा। श्रीनगर में मंगलवार को 9578 और गांदरबल में 1000 लोगों ने मतदान किया। हालिया के चुनावों से मतदाताओं का रुझान बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि चुनाव बिना हिंसा के खत्म हो गया।
लोग बिना डर भय के मतदान करने निकले। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव का बहिष्कार नहीं करना चाहिए था। उन्हें चुनाव में भाग लेना चाहिए था। इसका न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फायदा मिलना था और न ही उन्हें। उन्हें जनता को वोट देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए था।
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कम मतदान के लिए उन्होंने कई कारणों को जिम्मेदार बताया। इसमें हुर्रियत के प्रभाव तथा नेकां व पीडीपी के बहिष्कार व आतंकियों की धमकियां भी शामिल हैं। अनुच्छेद 35ए व 370 को चुनाव का मुद्दा बनाया जाना भी एक कारण रहा है। हालांकि, मुस्लिम बाहुल्या इलाकों राजोरी, पुंछ तथा उड़ी में 70 से 80 फीसदी तक मतदान हुआ। नेकां व पीडीपी ने प्राक्सी उम्मीदवार खड़े किए थे। यदि प्रत्याशियों की संख्या अधिक होती है तो हिंसा की संभावना कम रहती है।
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निकाय चुनाव की समाप्ति के बाद राज्यपाल ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न होने पर उन्हें संतोष है। चार चरणों का चुनाव संपन्न हो गया और लोगों का रिस्पांस अच्छा रहा। श्रीनगर में मंगलवार को 9578 और गांदरबल में 1000 लोगों ने मतदान किया। हालिया के चुनावों से मतदाताओं का रुझान बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि चुनाव बिना हिंसा के खत्म हो गया।
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लोग बिना डर भय के मतदान करने निकले। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव का बहिष्कार नहीं करना चाहिए था। उन्हें चुनाव में भाग लेना चाहिए था। इसका न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फायदा मिलना था और न ही उन्हें। उन्हें जनता को वोट देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए था।
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कम मतदान के लिए उन्होंने कई कारणों को जिम्मेदार बताया। इसमें हुर्रियत के प्रभाव तथा नेकां व पीडीपी के बहिष्कार व आतंकियों की धमकियां भी शामिल हैं। अनुच्छेद 35ए व 370 को चुनाव का मुद्दा बनाया जाना भी एक कारण रहा है। हालांकि, मुस्लिम बाहुल्या इलाकों राजोरी, पुंछ तथा उड़ी में 70 से 80 फीसदी तक मतदान हुआ। नेकां व पीडीपी ने प्राक्सी उम्मीदवार खड़े किए थे। यदि प्रत्याशियों की संख्या अधिक होती है तो हिंसा की संभावना कम रहती है।
पंचायत चुनाव में भाग लेने की अपील
राज्यपाल ने कहा कि वे फिर से लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे पंचायत चुनाव में हिस्सा लें क्योंकि इससे प्रत्येक पंचायत को करोड़ों रुपये मिलेगा। यह चुनाव पार्टी आधारित नहीं है। आखिर विकास को कितना नुकसान पहुंचाएंगे।